धामी को अब जेहाद की राजनीति का सहारा
कांग्रेस को तुष्टिकरण की राजनीति में उलझाया
द संडे मेल
देहरादून।भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरी पुष्कर सिंह धामी सरकार ने जेहाद की राजनीति को फिर हवा देनी शुरु कर दी है।इसके लिए सीएम धामी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के रास्ते पर चलने की कोशिश कर रहे हैं।कालोनियों के नाम बदलने और कानूनों में बदलाव कर ध्रुवीकरण की राजनीति और संघ के करीब जाने की कोशिश धामी पहले कर चुके थे।पेपर लीक के खिलाफ चलाए गए बेरोजगार युवकों के आंदोलन को भी जेहाद से जोड़ने की कोशिश की गई थी। सीएम धामी ने नकल जेहाद शब्द की खोज कर आंदोलन को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की थी।जिसकी बड़ी आलोचना हुई थी।

लेकिन इस बार बुलडोजर को ढाल बनाया है।इसमें पार्टी का सोशल मीडिया मदद करता दिख रहा है।
अवैध अतिक्रमण को हटाने को भूमि जेहाद का नाम दे कर पहाड़ की मूलभूत समस्याओं से पूरी तरह से ध्यान हटाया जा रहा है।गढ़वाल और कुमायूं मंडल में कई जगह कब्र और मजार हटाने के नाम पर की गई कार्रवाई को मुख्यमंत्री धामी की सरकार अवैध अतिक्रमण और सरकारी भूमि पर से कब्जा हटाने को सरकार भूमि जिहाद के रूप में देखती है।
जबकि अतिक्रम हटाना एक अलग प्रक्रिया लेकिन इसमें भी जेहाद जोड़ दिया गया।








