हमें दबाव को प्रदर्शन में, प्रतिद्वंद्वी को अवसर में और अवसर को उपलब्धि में बदलना होगा’ : डॉ. मनसुख मांडविया
डॉ.श्रीकृष्ण शर्मा
नई दिल्ली । जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले एशियाई खेल 2026 के लिए
भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने भारतीय दल को भव्य विदाई दी। इस विदाई समारोह में भारतीय दल के खिलाड़ी, प्रशिक्षक, सहयोगी स्टाफ, गणमान्य व्यक्ति और आयोजन से जुड़े साझेदार शामिल हुए।
इस अवसर पर युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष डॉ. पी.टी. उषा, भारतीय दल के खिलाड़ी, प्रशिक्षक, सहयोगी स्टाफ और साझेदार मौजूद रहे।
यहीं युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा, “हमारे देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। दिन-ब-दिन और साल-दर-साल हम आगे बढ़ रहे हैं। हमें दबाव को प्रदर्शन में, प्रतिद्वंद्वी को अवसर में और अवसर को उपलब्धि में बदलना होगा। मुझे पूरा विश्वास है कि हमारा दल एशियाई खेलों में अच्छा प्रदर्शन करेगा और देश का गौरव बढ़ाएगा।” उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों पर भरोसा जताते हुए कहा कि देश में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और भारतीय खेल लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने खिलाड़ियों से बड़े मंच के दबाव को अपनी ताकत में बदलकर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का आह्वान किया।
भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष डॉ. पी.टी. उषा ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा, “इस अवसर से अभिभूत मत हों, बल्कि ऐसा प्रदर्शन करें कि यह अवसर आपको याद रखे।
खुद को देखें और याद करें कि आप कितनी दूर तक पहुंचे हैं। आपने एशिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के बीच अपनी जगह बनाई है।” उन्होंने कहा, “उम्मीदों का बोझ अपने साथ मत लेकर जाएं, बल्कि उन्हें अपनी ताकत बनाएं। मैदान में उतरें, प्रतियोगिता का आनंद लें और अपना सब कुछ झोंक दें। आत्मविश्वास, साहस, विनम्रता और इस विश्वास के साथ आगे बढ़ें कि आप एशिया के किसी भी खिलाड़ी के साथ मुकाबला कर सकते हैं।”

इस विदाई समारोह में खिलाड़ियों के अनुभव और तैयारियों को सामने लाने के लिए एक विशेष पैनल चर्चा का भी आयोजन किया गया। इसमें ओलंपिक पदक विजेता स्वप्निल कुसाले, राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता अस्मिता डे, राष्ट्रमंडल खेलों की पदक विजेता एवं भारोत्तोलक ज्ञानेश्वरी यादव और भारतीय कबड्डी स्टार पवन सहरावत ने हिस्सा लिया।
एशियाई खेलों में भाग लेने को लेकर जूडो स्टार अस्मिता ने कहा “एशियाई खेल बहुत कठिन होते हैं। जूडो की शुरुआत जापान से हुई है और मेरी भारवर्ग श्रेणी में जूडो के कई दिग्गज खिलाड़ी हैं। मेरी श्रेणी में विश्व रैंकिंग में सातवें, आठवें और 14वें स्थान पर रहने वाले खिलाड़ी भी हैं।” उन्होंने आगे कहा, “इस पदक को जीतने के लिए मुझे पहले से कहीं अधिक कड़ी तैयारी करनी होगी और उनमें से हर एक को हराने के लिए पूरी तरह तैयार रहना होगा।” ( खेल संपादक )







