एशियन गेम्स में भारत की पुरुष और महिला कबड्डी टीमें 21 सितंबर को अपने अभियान की शुरुआत करेंगी
डॉ.श्रीकृष्ण शर्मा
नई दिल्ली। डिफेंडिंग चैंपियन भारत की पुरुष और महिला कबड्डी टीमें 21 सितंबर को आइची-नागोया में 20वें एशियाई खेलों में अभियान की शुरुआत करेंगी। 21 से 26 सितंबर तक टोकाई सिटीजन्स जिमनैजियम में चलने वाले मुकाबलों में दस पुरुष टीमें और आठ महिला टीमें राउंड-रॉबिन ग्रुप स्टेज, सेमीफाइनल और गोल्ड मेडल मुकाबलों के लिए मैदान पर उतरेंगी।
भारत की पुरुष टीम को मेजबान जापान के साथ ग्रुप ए में शामिल किया गया है। इसी ग्रुप में रिपब्लिक ऑफ कोरिया, चीनी ताइपे और बांग्लादेश की टीमें हैं। ग्रुप बी में ईरान, नेपाल, थाईलैंड, पाकिस्तान और मलेशिया शामिल हैं। महिलाओं के वर्ग में भारत की टीम को ग्रुप ए में ईरान, जापान और बांग्लादेश के साथ जगह मिली है।जबकि ग्रुप बी में चीनी ताइपे, श्रीलंका, थाईलैंड और नेपाल हैं।
ईरान इस खेल की दूसरी असली ताकत है; भारत के अलावा ईरान की टीम भी दमदार है।ईरान ने एशियन गेम्स कबड्डी में पुरुषों और महिलाओं दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी पहचान बनाई है।भारत के पुरुषों के लगातार सात गोल्ड जीतने के सिलसिले को रोककर ईरान ने ही जकार्ता 2018 में स्वर्णिम जीत हासिल की थी।वहीं पर ही ईरान ने ही भारतीय महिलाओं को फाइनल में जीत से रोक दिया था।भारत ने हांग्जो में दोनों हार का बदला लेते हुए पुरुषों का गोल्ड ईरान को हराकर फिर हासिल कर लिया। महिला वर्ग में भारतीय महिला टीम ने चीनी ताइपे को हराकर जीत दर्ज की थी।
भारतीय पुरुषों टीम के मुख्य कोच बलवान सिंह के पास एक कोच के रूप में 14 अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक हैं, और इस तालिका में भारत के तीनों पुरुष कबड्डी विश्व कप खिताब शामिल हैं, जो 2004, 2007 और 2016 में जीते गए हैं। वह सहायक कोच बीसी रमेश के साथ काम करेंगे, जिन्होंने बंगाल वॉरियर्स (सीजन 7) और फिर पुनेरी पल्टन (सीजन 10) के साथ दो बार प्रो कबड्डी लीग जीती है। बलवान सिंह ने कहा, “हम किसी भी विरोधी को कमज़ोर नहीं मानते। अगर हम कहीं गलती करते हैं, तो विरोधी टीम भारी पड़ जाती है, इसलिए पूरे 40 मिनट में कम से कम गलतियाँ करने पर ध्यान देना होगा।” उन्होंने कहा कि ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ियों को निर्देश दिया गया है कि स्कोरलाइन की परवाह किए बिना हर विरोधी टीम का सम्मान करें। नीता दादवे और ममता पुजारी की कोचिंग वाली भारत की महिला टीम, पाँच एशियन गेम्स में चौथे स्वर्ण पदक पर कब्जा करने के लिए तैयार है।2010, 2014 और 2022 में भारतीय टीम ने स्वर्ण पदक जीता है।2018 में चूक गई और रजत पदक से संतोष करना पड़ा । पुष्पा राणा को कप्तान बनाया गया है, और सोनाली शिंगटे एक अहम भूमिका निभाएंगी। उनके साथ 2025 महिला कबड्डी वर्ल्ड कप की एमवीपी संजू देवी भी हैं।असिस्टेंट कोच ममता पुजारी ने कहा, “ईरान और चीनी ताइपे ऐसी टीमें हैं जिन पर हम सबसे ज़्यादा नज़र रख रहे हैं” ।
( खेल संपादक )







