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गौतम को राज्यपाल बनाना सीएम धामी की बढ़ा सकता है मुसीबत

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अंकिता के माता = पिता के साथ राहुल,प्रियंका भी धरने पर बैठे
द संडे मेल ब्यूरो
नई दिल्ली।अंकिता भंडारी हत्याकांड ने फिर तूल पकड़ लिया है।निशाने पर बीजेपी के पूर्व महामंत्री दुष्यंत गौतम और धामी सरकार है।गौतम को हाल में सिक्किम का राज्यपाल बनाया गया है।गौतम को राज्यपाल बनाए जाने के बाद से प्रदेश कांग्रेस और तमाम संगठनो ने गौतम के साथ साथ धामी सरकार का भी विरोध शुरू कर दिया है।बुधवार को दिल्ली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका भी इसमें कूद गए है।अंकिता के माता पिता के इंडिया गेट पर दिए जा रहे धरने में राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी ने अंकिता के माता पिता के साथ धरने पर बैठ उनका समर्थन किया है।अंकिता के माता पिता अपनी बेटी के लिए न्याय की माँग के साथ जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को राज्यपाल न बनाए जाने की मांग कर रहे है।अंकिता के माता पिता की नाराज़गी इस बात को लेकर भी असली दोषियों को नहीं पकड़ा जा रहा है।अंकिता भंडारी हत्याकांड के तूल पकड़ने का सीधा असर धामी सरकार पर पड़ना तय है।अगले साल होने वाले चुनाव में बीजेपी की मुश्किलें बढ़ सकती है।गौतम बीजेपी का दलित फेस है और पार्टी उन्हें साइड करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है।जानकार मान रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आने वाले दिनों में उत्तराखंड के नेतृत्व को लेकर बड़ा फैसला कर सकते है।जिससे गौतम का मुद्दा खत्म किया जा सके।

  चार साल पहले अंकिता भंडारी की ऋषिकेश के एक रिसॉर्ट में हत्या कर दी गई थी। हालांकि पुलिस ने हत्या करने वालों को गिरप्तार कर लिया था। और अदालत ने दोषी मान उम्र कैद की सजा दी हुई है।लेकिन नाराज़गी इस बात को लेकर है जिन वीआईपी के खातिर अंकिता की हत्या की गई थी जो अभी तक आजाद घूम रहे है। पिछले साल मामले ने तब ज्यादा तूल पकड़ लिया था जब बीजेपी के नेता की पत्नी होने का दावा करने वाली उर्मिला सनावर ने कई नाम उजागर किए थे।आरोप गौतम और दूसरे कई नेताओं पर भी लगा था।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी निशाने पर है।आरोप है कि धामी सरकार ने सबूत नष्ट कर दिए थे जिसके चलते वीआईपी बच गए।पिछले साल दबाव में धामी सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी।लेकिन एक साल बीत जाने पर भी कुछ नहीं हुआ।इससे राज्य में नाराज़गी भी है। और कई संगठन आंदोलन भी कर रहे है।लेकिन गौतम को राज्यपाल बनाए जाने के बाद उत्तराखंड की राजनीति फिर गर्मा गई है।कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की अगुवाई में कांग्रेस ने देहरादून में धरना दे गौतम का विरोध शुरू कर दिया।इस बीच अंकिता के माता पिता ने इंडिया गेट पर धरना दे गौतम को राज्यपाल बनाए जाने की खिलाफत की है।कांग्रेस ने अपनी पोस्ट में कहा है कि इस मामले में BJP के राष्ट्रीय महासचिव व उत्तरखंड प्रभारी रहे दुष्यंत गौतम पर आरोप लगे थे।आरोप था कि अंकिता पर दुष्यंत गौतम को सर्विस देने का दबाव बनाया गया थाजब अंकिता ने मना किया तो उसकी हत्या कर दी गई।जिस दुष्यंत गौतम पर आरोप लगे, नरेंद्र मोदी ने उसे
इनाम देते हुए सिक्किम का राज्यपाल बना दिया है।
देश की बच्चियां और महिलाएं देख रही हैं कि कैसे नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार दुष्यंत गौतम को बचा रही है।
अंकिता भंडारी को न्याय देने के बजाए पूरी BJP सरकार पीड़ित परिवार की आवाज दबाने पर तुली है।
The Sunday Mail
Author: The Sunday Mail

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