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अंकिता मामले के बाद सुखवंत की आत्महत्या से गरमाया उत्तराखंड

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बीजेपी विधायक भी सीबीआई जांच के समर्थन में
द संडे मेल

 

देहरादून।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही है।धामी सरकार की नाकामियों का खामियाजा बीजेपी को उठाना पड़ रहा।अंकिता भंडारी हत्याकांड का मामला अभी चल ही रहा था,इस बीच एक किसान की आत्महत्या ने पूरे राज्य को हिला कर रख दिया है।कांग्रेस और पूरा विपक्ष  सीएम धामी और उनकी सरकार के खिलाफ और हमलावर हो गया है।विपक्ष की सीबीआई जांच की मांग में बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री अरविंद पाण्डे ने भी सुर में सुर मिला सीएम धामी की परेशानी बढ़ा दी है।आत्महत्या करने वाले किसान सुखवंत ने मरने से पूर्व अपना वीडियो जारी कर जो कुछ बोला है उसने पूरे व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है।हालांकि प्रशासन ने आनन फानन में दो दारोगा निलंबित कर दिए और दस सिपाही लाइन हाजिर किए।सुखवंत की आत्महत्या ने उत्तराखंड में चल रहे जमीन के खेल को उजागर किया है।
 उत्तराखंड में किस तरह पुलिस की मिली भगत से जमीन कब्जाई जाती है उसका जीता जागता उदाहरण सुखवंत का मामला है।उसने मरने से पूर्व अपने जारी वीडियो में बताया है कि उसके साथ चार करोड़ की धोखाधड़ी हुई है।उसने बताया है कि जब न्याय के लिए थाने पहुंचे तो पुलिस ने उसकी शिकायत सुनने के बजाए दूसरे पक्ष का साथ दिया और उसे डराया धमकाया।9 पेज के सुसाइट नोट में सुखवंत ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।कांग्रेस और पूरे विपक्ष को धामी सरकार के खिलाफ एक ओर बड़ा मुद्दा मिल गया है।अंकिता हत्याकांड से जहां पूरा पहाड़ सड़कों पर है अब किसान सुखवंत की आत्महत्या का मामला भी जोर पकड़ता दिख रहा है।उत्तराखंड के प्रतिपक्ष नेता यशपाल आर्य ने धामी सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठा मामले की जांच सीबीआई से कराने को कहा है।सुखवंत ने मरने से पूर्व अपने वीडियो में पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने को कहा है। यही नहीं बीजेपी विधायक अरविंद पाण्डे ने पीड़ित के परिवार से मिल पूरे मामले में दुख जता मामले की सीबीआई जांच कराने पर जोर दिया है।
चुनाव साल में धामी सरकार के लिए यह मुद्दा भी बड़ी चुनौती बनता जा रहा।अंकिता हत्याकांड मामले में सीबीआई की जांच की घोषणा के बाद भी अभी बात नहीं बनी है।कांग्रेस ने सीएम धामी का इस्तीफा मांगा है।अब किसान सुखवंत का मामले ने तूल पकड़ा तो मैदानी इलाकों में भी बीजेपी के खिलाफ नाराजगी ओर बढ़ेगी।पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में उत्तर प्रदेश में भी किसानों में आक्रोश बढ़ सकता है।उत्तराखंड में जमीन माफिया,खनन माफिया,होटल माफिया,शराब माफिया ने एक प्रकार से कब्जा किया हुआ है।सुखवंत की आत्महत्या का मामला भी सीबीआई के पास जाता है तो सीएम धामी के पास कोई जवाब नहीं होगा।बीते 8 माह में यह तीसरा ऐसा मामला होगा जो सीबीआई के पास जाएगा।पेपर लीक और अंकिया हत्याकांड की जांच सीबीआई को पहले ही सौंपी हुई है।
The Sunday Mail
Author: The Sunday Mail

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