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कांग्रेस जीती तो गोदियाल ही बनेंगे मुख्यमंत्री 

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राहुल नेताओं को दे सकते हैं कड़ा संदेश

द संडे मेल

नई दिल्ली।उत्तराखंड में अगर कांग्रेस चुनाव जीतती है तो प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ही मुख्यमंत्री बनेंगे।पेपर लीक आंदोलन से मिली आक्सीजन के बादकांग्रेस आलाकमान ने तय कर लिया है कि इस बार किसी का कोई दबाव चुनाव में सहन नहीं किया जाएगा।पार्टी के सर्वोच्च नेता राहुल गांधी मानसून सत्र के बाद नेताओं को गुटबाजी छोड़ एक जुट हो चुनाव जीतने की हिदायत देंगे।अगले माह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे अपने हल्द्वानी दौरे पर भी नेताओं को काफी कुछ हिदायत दे सकते है।कांग्रेस का मानना है कि पेपर लीक उत्तराखंड चुनाव में बड़ी भूमिका निभाएगा।राहुल गांधी पेपर लीक को लेकर बीजेपी पर हमलावर बने हुए हैं ।राहुल की रणनीति अब स्पष्ट है कि जो भी फैसला करेंगे उसे सब को मानना होगा।जो पार्टी छोड़ कर जाना चाहता है वह तुरंत चला जाए।पंजाब कांग्रेस में आये संकट को राहुल गांधी ने इसी फार्मूले से सुलझाया।पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने तमाम हथकंडे अपनाये लेकिन राहुल गांधी ने उनको स्वीकार नहीं किया।यहां तक कि उनको मिलने का समय तक नहीं दिया।आलाकमान की हिदायत के बाद पंजाब कांग्रेस में अब शांति है।हालांकि कुछ जानकार कहते हैं कि पेपर लीक आंदोलन के बाद बदले हालात पर पंजाब के नाराज कांग्रेसी नजर रखे हुए हैं।

  अगर उन्हें लगा कि पेपर लीक के नए कानून से कांग्रेस फायदे में है तो शांत रहेंगे नहीं तो नई पार्टी का भी गठन कर सकते है।उत्तराखंड में फिलहाल ऐसे कोई हालात नहीं है कि कोई कांग्रेसी बागी तेवर अपनाएगा।क्योंकि सब को उम्मीद है कि  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उनकी सरकार के खिलाफ उपजी नाराजगी के चलते इस बार सत्ता बदलेगी ही बदलेगी। बर्शते कि बीजेपी आलाकमान ने चुनाव से पूर्व कोई  बदलाव वाला फैसला नहीं किया तो।

  राहुल गांधी ने पिछले साल ही गोदियाल को कमान सौंप उनके साथ टीम गठित कर दी थी।लेकिन जितना सहयोग उन्हें मिलना चाहिए था,नहीं मिला है।पूर्व सीएम हरीश रावत का गुट अलग राजनीति कर रहा है तो उनके करीबी माने जाने वाले नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करण महर आज भी उनके साथ ही जुड़े हैं।जौनसार भावर से आने वाले प्रीतम सिंह और प्रबंधन समिति की जिम्मेदारी संभाल रहे हरक सिंह रावत भ्रमित हैं।ये सभी नेता सीएम की कुर्सी पर नजर टिकाए हुए हैं।गोदियाल सब को साथ लेकर चलने की कोशिश तो कर रहे हैं लेकिन कांग्रेस को जितना आक्रामक दिखना चाहिए था अभी दिख नहीं रही है।गुटबाजी बड़ा रोड़ा बनी हुई है।बीजेपी की नजर कांग्रेस की गुटबाजी पर है। पिछले चुनाव में कांग्रेस की हार की बड़ी वजह आपसी खींचतान ही थी।राहुल गांधी इस बार नजर रखे हुए हैं।जो भी नेता पार्टी लाइन से अलग जाएगा उसे वह साइड करने में देरी नहीं करेंगे।

The Sunday Mail
Author: The Sunday Mail

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