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उत्तराखंड का पेपर लीक कांड प्रदेश के कई इलाके आंदोलन की चपेट में, यंग जनरेशन मैदान में

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उत्तराखंड का पेपर लीक कांड प्रदेश के कई इलाके आंदोलन की चपेट में, यंग जनरेशन मैदान में
द संडे मेल

देहरादून।पेपर लीक को चलाया जा रहा बेरोजगार संघ का आंदोलन अब प्रदेश के कई इलाकों में फैल गया है।हालात बिगड़ते जा रहे हैं। केंद्र ने दखल नहीं दिया तो हालात गंभीर हो सकते हैं।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार पुलिस प्रशासन की मदद से आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है,लेकिन यंग जनरेशन जिस तरह से अपने आप घरों से निकल रही है वह खतरनाक होते आंदोलन का संकेत है।सोशल मीडिया में जेन जी और नेपाल जैसे कदम उठाने की बातें होने लगी।सरकार की तरफ से लगातार गलतियां हो रही हैं।पहली कोशिश आंदोलन में फूट डलवाने की हुई।धरने पर बैठे आंदोलनकारियों ने पोल पट्टी खोल कर रख दी।पता चला लक्सर से कुछ युवाओं को बहला फुसलाकर लाया गया था।इसके बाद रिटायर जज की निगरानी में जांच बात हुई जिसे आंदोलनकारियों ने अस्वीकार कर दिया।अब पेपर लीक को नकल जेहाद की बात कर आंदोलन को सांप्रदायिक रूप देने की कोशिश शुरू हो गई।कांग्रेस नेता गणेश गोदियाल ने अपनी पोस्ट पर सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि नकल जेहाद की बात कर मुख्यमंत्री मामले को धर्म की तरफ मोड़ रहे हैं।सरकार आंदोलन को खत्म करने के लिए गलत हथकंडे अपना रही है जिसे सहन नहीं किया जाएगा।

 

बेरोजगार से संघ का आंदोलन गुरुवार को चौथे दिन भी जारी है।सरकार की तरफ से गुरुवार को हरिद्वार के सेक्टर मजिस्ट्रेट के एन तिवारी को निलंबित कर दिया गया है।लेकिन आंदोलन कारी अभी टस से मस होने को तैयार नहीं है।बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल और दूसरे नेता बॉबी पंवार की अगुवाई में आंदोलन कारी धरने पर बैठे हैं।गुरुवार को पुलिस ने युवाओं को रास्ते में रोक पहचान पत्र मांगा,आधार कार्ड ले लिया इससे आंदोलन कारी गुस्से में है।हल्द्वानी,चंपावत,नैनीताल, अल्मोड़ा,चमोली,श्रीनगर जैसे कई इलाकों में आंदोलन फैल गया है।छोटे छोटे बच्चे ,बच्चियां गुस्से में दिख रही हैं।सोशल मीडिया में सरकार को नेपाल जैसे सबक सिखाने की बात होने लगी है।15 लाख में पटवारी बनाने को लेकर तमाम व्यंग मीम के रूप में वायरल हो रहे है।रामलीला के नाटक में कलाकार डायलॉग भूल पटवारी का फॉर्म भरने की बात करते दिखाए जा रहे हैं।
  बिगड़ते हालात में अब मुख्यमंत्री धामी सीधे निशाने पर आ गए हैं।आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक पेपर लीक प्रकरण और प्रतियोगी  परीक्षाओं की जांच सीबीआई से नहीं कराई जाएगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा।इसके साथ आंदोलनकारी आयोग के अध्यक्ष को तुरंत बर्खास्त करने,भर्ती नियमावली में संशोधन की भी मांग कर रहे।आंदोलन का आज चौथा दिन है।लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के आंदोलन को समर्थन देने के बाद भी लोकल कांग्रेसी नेताओं ने अभी भी सक्रियता नहीं दिखाई है।उत्तराखंड क्रांति दल जरूर आंदोलन का साथ दे रहा है। यह आंदोलन इसलिए भी चिंताजनक है कि क्योंकि इसे युवा चला रहा है।समय पर सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया तो बीजेपी के लिए उत्तर भारत में बड़ी परेशानी खड़ी हो जाएगी।उत्तराखंड उत्तर भारत का पहला हिंदी भाषी राज्य है जहां बीजेपी सरकार जनता के सीधे निशाने पर आ गई है।सरकार पर भ्रष्टाचार को लेकर तो तमाम आरोप लग रहे थे अब युवा गुस्से में खिलाफत कर रहा है।सभी फोटो सोशल मीडिया से।
The Sunday Mail
Author: The Sunday Mail

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