best news portal development company in india

भाजपा पर प्रतिबंध की बातें करने वाले अपनी पार्टी की मानसिकता उजागर कर रहे : शेखावत

SHARE:

– केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री ने अशोक गहलोत के बयान पर दी कड़ी प्रतिक्रिया
– कहा, आपातकाल और संघ पर प्रतिबंध लगाने वाली कांग्रेस आज लोकतंत्र का पाठ पढ़ा रही

जोधपुर, 15 जून। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर तीखा हमला बोला और कहा कि भाजपा पर प्रतिबंध लगाने की बातें करने वाले अपनी ही पार्टी की मानसिकता उजागर कर रहे हैं। आपातकाल लगाने वाली कांग्रेस और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर प्रतिबंध लगाने वाली पार्टी आज लोकतंत्र का पाठ पढ़ा रही है। भाजपा पर बैन लगाने की बात अब सिर्फ सपना बनकर रह गई है, क्योंकि यह दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान वही लोग दे रहे हैं, जो राजनीति में अप्रासंगिक होते जा रहे हैं।

सोमवार को सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता में शेखावत ने यह प्रतिक्रिया अशोक गहलोत के उस बयान पर दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि आज इंदिरा गांधी होतीं तो भाजपा की वर्तमान नीतियों के कारण पार्टी पर प्रतिबंध लगा देतीं। शेखावत ने प्रदेश में पेयजल संकट के लिए भी गहलोत को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि राजस्थान की जल समस्या की दुर्दशा के सबसे बड़े जिम्मेदार अशोक गहलोत हैं। गहलोत वर्षों से अपनी सरकार गिराने की साजिश का आरोप लगाते रहे, लेकिन आज तक एक भी ठोस प्रमाण नहीं दे सके।

शेखावत ने कहा कि गहलोत के तत्कालीन ओएसडी लोकेश शर्मा ने स्वयं आरोप लगाया था कि सरकार गिराने का षड्यंत्र गहलोत ने ही रचा था। शेखावत ने कहा कि अपने विधायकों के फोन रिकॉर्ड कराने वाले गहलोत दूसरों पर आरोप लगाकर जिम्मेदारी से बच नहीं सकते।

पहले योजनाएं वोटबैंक आधारित थीं
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पहले सरकारी योजनाएं चुनिंदा वर्गों और वोटबैंक की राजनीति के आधार पर संचालित होती थीं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव सभी तक पहुंचा। इसी सुशासन और पारदर्शिता का परिणाम है कि देश की जनता ने लगातार 2019 और 2024 में एनडीए को जनादेश दिया। शेखावत ने कहा कि जल शक्ति मंत्री रहते उन्होंने राजस्थान के लिए 27 हजार करोड़ रुपये की जल परियोजनाएं स्वीकृत करवाई थीं, जिनमें जोधपुर के लिए लगभग 6 हजार करोड़ रुपये के कार्य शामिल थे, लेकिन गहलोत सरकार ने जल जीवन मिशन को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया। अपनी सरकार बचाने के लिए विधायकों को खुली छूट दी गई और इसका खामियाजा प्रदेश की जनता आज भुगत रही है।

उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन का दूसरा चरण शुरू हो चुका है, जिसके लिए केंद्र सरकार ने 1.68 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। राज्यों से संशोधित प्रस्ताव मांगे गए हैं और अगले दो वर्षों में पेयजल व्यवस्था में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा।

2047 तक जोधपुर में स्थापित में होगा अभूतपूर्व यातायात नेटवर्क
शेखावत ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में जोधपुर से 42 नई रेलगाड़ियां शुरू हुई हैं। हवाई सेवाओं में कई गुना विस्तार हुआ है और शहर को विभिन्न दिशाओं से एक्सप्रेस-वे नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2047 तक जोधपुर में मेट्रो रेल, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, आधुनिक सड़क नेटवर्क और बड़े औद्योगिक केंद्र विकसित होंगे। नए हवाई अड्डे को लेकर उन्होंने कहा कि भवन निर्माण पूरा होना पर्याप्त नहीं है। सभी सुरक्षा और तकनीकी मंजूरियां मिलने के बाद ही इसका संचालन शुरू किया जाएगा। वर्तमान टर्मिनल को भविष्य में न्यूनतम बदलाव के साथ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में विकसित किया जा सकेगा।

एलिवेटेड रोड परियोजना का उल्लेख करते हुए शेखावत ने कहा कि इस योजना को रोकने और लटकाने के कई प्रयास हुए, लेकिन सभी बाधाओं को दूर कर परियोजना को आगे बढ़ाया गया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक विकास को समान रूप से आवश्यक बताते हुए कहा कि न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए ऐसा समाधान निकाला जाएगा जिससे उद्योग, रोजगार और आर्थिक गतिविधियां प्रभावित न हों। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2029 तक राजस्थान में करीब 200 नई रेलगाड़ियां शुरू होंगी, जिससे प्रदेश की रेल संपर्क व्यवस्था और अधिक सशक्त होगी।

The Sunday Mail
Author: The Sunday Mail

Leave a Comment