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हरीश रावत सरकार पर तो बरसे, धामी पर नहीं

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पांच साल में पहली बार पूर्व सीएम ने निभाई विपक्ष की जिम्मेदारी
द संडे मेल
देहरादून।उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश की पुष्कर सिंह धामी सरकार पर मंगलवार को पहली बार बड़ा हमला बोला।उन्होंने कहा कि प्रदेश को विकलांग सरकार चला रही है।धामी को मुख्यमंत्री बने हुए पांच साल से ज्यादा समय हो गया है।लेकिन वह अपने मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं कर पा रहे हैं ।रावत ने सवाल उठाए कि क्या वजह है कि मुख्यमंत्री धामी अपने मंत्रिमंडल का विस्तार  नहीं कर पा रहे हैं?पिछले चार साल से आधी अधुरी सरकार चल रही है।इसलिए ये विकलांग सरकार है।पूर्व सीएम रावत ने रुद्रप्रयाग में पत्रकारों से बातचीत करते हुए धामी सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए। लेकिन मुख्यमंत्री धामी पर सीधे हमले से बचे।
  रावत ने आपदा प्रबंधन,कानून व्यवस्था,पहाड़ में चलाए जा रहे आंदोलन और तमाम मूलभूत समस्याओं को उठाते हुए धामी सरकार की नाकामियां गिनाई।धामी बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने लगातार पांच साल पूरे कर लिए हैं।लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर आलाकमान धामी को मंत्रिमंडल का विस्तार और फेरबदल क्यों नहीं करने दे रहा है।
 धामी ने चुनाव हारने के बाद भी 2022 में मुख्यमंत्री पद की दूसरी बार शपथ ली थी।उत्तराखंड में मुख्यमंत्री समेत 12 मंत्री बन सकते हैं।उस समय सीएम समेत 9 विधायकों ने शपथ ली थी 3 स्थान रिक्त रखे गए थे।लेकिन जैसे जैसे कार्यकाल आगे बढ़ता गया।एक मंत्री का निधन हो गया और एक को विवादास्पद बयान के चलते कुर्सी छोड़नी पड़ी।धामी मंत्रिमंडल में 5 जगह खाली हो गई।अभी जो 6 मंत्री हैं।उनमें सतपाल महाराज,सुबोध उनियाल,सौरभ बहुगुणा,और रेखा आर्य कांग्रेस से बीजेपी में आए।मतलब मूल बीजेपी के गणेश जोशी और धनसिंह रावत ही मंत्री है। कहा जाता है कि सीएम की अपने मंत्रियों से कम ही बनती है।बीते एक साल से मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार की अटकलों के चलते सरकार का कामकाज प्रभावित हुआ है।
।पिछले कुछ महीनों से सीएम धामी के खिलाफ उनकी पार्टी के नेताओं और विपक्ष ने तमाम भ्रष्टाचार के आरोप लगा सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए हुए है।आज के दिन प्रदेश का अधिकाशं इलाका प्रदेश सरकार के खिलाफ आंदोलनों की चपेट में हैं।उत्तराखंड में सीएम धामी और सरकार के खिलाफ नाराजगी चरम पर है।पूर्व सीएम रावत की पीसी में भ्रष्टाचार और सीएम को लेकर ही ज्यादा सवाल उठे।अनुभवी रावत ने सवालों का जवाब उसी ढंग से दिया कि सीएम धामी के बजाय सरकार पर हमला नजर आए।चुनाव साल में हो सकता है कांग्रेस अब हमलावर दिखाई दे।लेकिन बीते पांच साल मैं कांग्रेस आक्रामक विपक्ष की भूमिका नहीं निभा पाई और ना ही कोई आंदोलन खड़ा कर पाई।जिसके चलते धामी सरकार  आंदोलनों और नाराजगी को लेकर ज्यादा चिन्तित नहीं दिखी।जबकि कांग्रेस के पास आपदा प्रबंधन,बिगड़ती कानून व्यवस्था,पेपर लीक और राज्य में मूलभूत सुविधाओं का अभाव जैसे तमाम मुद्दे थे जिनके लिए पब्लिक खुद ही सड़कों पर उतर सरकार पर हमलावर हुई है।समाप्त
The Sunday Mail
Author: The Sunday Mail

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