सीबीआई जांच की मांग को लेकर उत्तराखंड में आंदोलन जारी
द संडे मेल
देहरादून।अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई से जांच कराने की मांग को लेकर बुधवार को भी उत्तराखंड के कई इलाकों में रैलियां निकाली गई,धरने दिए गए।निशाने पर आरोपित वीआईपी और सीएम पुष्कर सिंह धामी ही रहे।उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सरकार को घेरते हुए सीबीआई जांच की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि अंकिता हत्या मामले में पहले सबूत मिटाए गए हैं और अब सरकार ख़ुद सबूत मांग रही है। गोदियाल ने कहा कि अंकिता के माता पिता शुरू से सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। तीन साल में सरकार इस पर निर्णय नहीं ले पाई है।
गोदियाल ने कहा कि धामी सरकार से हमारे जो प्रश्न कल थे आज भी वही है। आज सरकार के कई अधिकारी सरकार की तरफ से अंकिता मामले पर सफाई दे रहे है। जो प्रश्न पूछे जा रहे आखिर उनका क्यों जवाब नहीं दिया जा रहा है।चुनाव साल में कांग्रेस को यह बड़ा मुद्दा मिल गया है।आमजन में भी गुस्सा है।

काले वस्त्रों में, श्वेत मौन के साथ उठाए गए बैनरों के हर अक्षर में बेटी अंकिता की पीड़ा, दर्द और न्याय की पुकार स्पष्ट झलक रही थी। यह मौन किसी कमज़ोरी का नहीं, बल्कि उस नैतिक साहस का प्रतीक था, जो सैनिक परंपरा की पहचान है।पूर्व सैनिकों ने आज जिस तरह अपने गुस्से का प्रदर्शन किया उससे बीजेपी की मुश्किलें बढ़ेंगी।महिलाएं पहले ही गुस्से में थी अब पूर्व सैनिक भी शामिल हो गए।उत्तराखंड सैन्य बाहुल्य प्रदेश माना जाता है।सबसे अहम पूर्व सैनिक और महिलाएं बीजेपी की कट्टर वोटर मानी जाती हैं।अगर बीजेपी का यह वोटर छिटका तो बीजेपी की चुनौतियां बढ़ेंगी ही बढ़ेंगी।




