best news portal development company in india

कुश्ती का महाकुंभ ऐतिहासिक इनामी दंगल में दिखी अखाड़ा संस्कृति

SHARE:

कुश्ती का महाकुंभ ऐतिहासिक इनामी दंगल में दिखी अखाड़ा संस्कृति
डॉ.श्रीकृष्ण शर्मा
नई दिल्ली। पुरानी दिल्ली के यमुना तट स्थित घाट संख्या–2 पर रविवार को यमुना युवक केंद्र के तत्वावधान में ऐतिहासिक इनामी कुश्ती दंगल का शानदार आयोजन संपन्न हो गया। यह दंगल वर्ष 1967 से लगातार आयोजित हो रहा है। जो कुश्ती प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। जिसको लेकर इसमें भाग लेने वाले पहलवानों को बहुत ही इंतजार करते देखा जाता रहा है। इस वर्ष का यह आयोजन महान पहलवान स्वर्गीय धर्मपाल यादव की स्मृति को समर्पित रहा। दिग्गज कांग्रेस नेता जयप्रकाश अग्रवाल और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव की मौजूदगी पहलवानों को खासतौर पर उत्साहित कर रही थी।

यहाँ के कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व सांसद जयप्रकाश अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर जयप्रकाश अग्रवाल ने कहा कि कुश्ती केवल शारीरिक बल का खेल नहीं, बल्कि अनुशासन, संस्कार और भारतीय परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय धर्मपाल यादव जैसे पहलवानों ने देश में कुश्ती को पहचान दिलाई और यमुना युवक केंद्र द्वारा दशकों से इस विरासत को आगे बढ़ाया जाना सराहनीय प्रयास है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने स्वर्गीय धर्मपाल यादव को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पारंपरिक खेलों को संरक्षण और प्रोत्साहन देना हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने कहा कि मिट्टी के अखाड़ों में अभ्यास करने वाले पहलवानों को विशेष सहयोग की आवश्यकता है और इसी दिशा में ‘दिल्ली केसरी’ जैसे बड़े स्तर के कुश्ती आयोजनों को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि दिल्ली के पहलवानों को राष्ट्रीय मंच मिल सके।
इस अवसर पर नगर निगम पार्षद सुमन गुप्ता ने कहा कि कुश्ती जैसे पारंपरिक खेल युवाओं को अनुशासन, आत्मबल और स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित करते हैं। उन्होंने निगम स्तर पर ऐसे आयोजनों के लिए हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
दंगल संयोजक खलीफा अजय यादव ने बताया कि दंगल में देश के विभिन्न हिस्सों से आए 200 से अधिक पहलवानों ने भाग लिया। मिट्टी के अखाड़े में हुए रोमांचक मुकाबलों ने दर्शकों को बांधे रखा। विजेता पहलवानों को नकद पुरस्कार दिए गए, जबकि सभी प्रतिभागियों को भी प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। भारत केसरी पहलवान राज सिंह की मौजूदगी से पहलवानों का उत्साह बढ़ता दिखाई दिया।
यमुना युवक केंद्र के महासचिव विजय शंकर चतुर्वेदी ने बताया कि संस्था हर वर्ष इस इनामी दंगल का आयोजन करती है, ताकि पुरानी दिल्ली की अखाड़ा संस्कृति और देसी कुश्ती की परंपरा जीवित रह सके। साथ ही उन्होंने यह भी घोषणा की कि भविष्य में यमुना युवक केंद्र द्वारा हर महीने नियमित रूप से कुश्ती दंगल आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक सुरेंद्र कुमार, अनिल भारद्वाज, भीष्म शर्मा, महेश कपूर, जिला अध्यक्ष मौ. उस्मान, सुनीता धवन, सरदार जगतार सिंह, जवाहरलाल धवन सहित अनेक गणमान्य अतिथि, अखाड़ा गुरुजन और समाजसेवी उपस्थित रहे। इस अवसर पर 100 से अधिक समाजसेवियों को शाल, स्मृति-चिह्न और पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया।
यमुना तट पर आयोजित यह दंगल खेल, संस्कृति और सामाजिक एकता का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया, जिसने पुरानी दिल्ली की गौरवशाली अखाड़ा परंपरा को एक बार फिर जीवंत कर दिया। ( खेल संपादक )

The Sunday Mail
Author: The Sunday Mail

Leave a Comment