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धामी नहीं बचा पाए ध्यानी को,पिटकुल की जिम्मेदारी अब बिष्ट को 

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विपक्ष को एक और मुद्दा मिला,महेंद्र भट्ट मुंबई की पार्टी से परेशान
द संडे मेल
देहरादून। उत्तराखंड में बीजेपी की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही है।बिगड़ती कानून व्यवस्था,अंकिता भंडारी हत्याकांड और भ्रष्टाचार को लेकर बीजेपी सरकार पहले ही आमजन के निशाने पर थी।इस बीच पिटकुल और मुंबई की बार बालाओं की पार्टी के मामले ने विपक्ष को और मौके दे दिए हैं।पिटकुल मामले में तो धामी सरकार को कोर्ट की सख्ती के आगे झुकना पड़ा।हाईकोर्ट कड़े तेवरों के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिपमिटेड पिटकुल के प्रबंध निदेशक पी सी ध्यानी को हटाना पड़ा।उनकी जगह अपर सचिव मेहरबान सिंह बिष्ट को जिम्मेदारी दी गई है।ध्यानी के मामले को लेकर राज्य सरकार की बड़ी फजीहत भी हुई ।हाईकोर्ट के ध्यानी को हटाने के निर्देश के बाद भी धामी सरकार ने नियम कानून बदल उन्हें बचाने की कोशिश की थी लेकिन कोर्ट की सख्ती और आमजन के गुस्से को देखते हुए आखिरकार ध्यानी को हटाना ही पड़ गया।पिटकुल में भ्रष्टाचार को लेकर तमाम शिकायतें पहले से चल रही थी।योग्यता के आधार पर भी ध्यानी की नियुक्ति सही नहीं थी।अटकलें थी पिटकुल में हजारों करोड़ों रुपए के काम निकलने है जिस पर कई की नजरे है।
  ध्यानी को हटाने के लिए कोर्ट ने तो सख्ती दिखाई ही साथ ही जन प्रहार संस्था के आंदोलन ने भी बड़ी भूमिका निभाई।जन प्रहार लगातार धामी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए था।दीप्ति पोखरियाल ने कोर्ट में अवमानना का मुकदमा दर्ज किया था।जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था।सरकार ने और फजीहत होने से पूर्व ध्यानी को हटा दिया। जन प्रहार की संयोजक सुजाता पॉल ने बताया कि यह बड़ी हैरानी की बात थी कोर्ट के कहने के बाद भी धामी सरकार ध्यानी को बचाने में तुली थी।लेकिन कोर्ट की सख्ती रंग लाई।ध्यानी प्रकरण से सरकार की छवि पर भी असर पड़ा है।भ्रष्टाचार को लेकर विपक्ष और अपने पहले ही हमलावर बने हुए थे।ध्यानी प्रकरण ने एक और हमले का मौका दे दिया।राज्य में भ्रष्टाचार और बिगड़ी कानून व्यवस्था को लेकर बीजेपी के सांसद त्रिवेंद्र रावत ही कई बार सवाल उठा चुके हैं।बीजेपी के अंदरूनी हालात काफी चिंता जनक बने हुए है।मुंबई बार डांस पार्टी मामले में  बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र पांडे भी निशाने पर आ गए।बीजेपी के एक पूर्व विधायक कुंवर प्रणय चैंपियन ने कांग्रेस को घेरने के लिए दांव चला लेकिन बीजेपी उल्टा फंस गई। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने नाम उछाले जाने पर  वीडियो जारी कर कह दिया कि मुंबई की पार्टी में महेंद्र भट्ट भी उस पार्टी में थे।बीजेपी में हलचल मच गई। हालांकि चैंपियन ने फिर सफाई देते हुए गोदियाल की तो सराहना की लेकिन कांग्रेस के दूसरे अहम नेता हरक सिंह रावत पर आरोप लगाना जारी रखा।इस घटना क्रम से महेंद्र भट्ट भी निशाने पर आ गए।चैंपियन कुछ और बोलते भट्ट उनसे मिलने पहुंच गए।क्या हुआ क्या नहीं लेकिन बीजेपी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है।चैंपियन ने भी अगर भट्ट को लेकर मुंह खोल दिया तो बवाल तय है।
The Sunday Mail
Author: The Sunday Mail

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