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बीजेपी के महिला आरक्षण का जवाब बना अंकिता भंडारी हत्याकांड

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गौतम,धामी,भट्ट की टीम को लेकर गुस्सा बरकरार 
द संडे मेल
नई दिल्ली।उत्तराखंड में बीजेपी की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। बीजेपी के महिला आरक्षण के मुद्दे के खिलाफ विपक्ष को तोड़ मिल गया है।कांग्रेस और पूरा विपक्ष अब अंकिता भंडारी हत्याकांड और महिला सुरक्षा के मुद्दे को अपना बड़ा चुनावी हथियार बनाने में जुट गया है।कांग्रेस और उत्तराखंड क्रांति दल तो मुद्दा बनाए हुए थे ही लोकसभा में महिला आरक्षण पर हुई चर्चा के दौरान मुद्दा उठने पर मामला और गरमा गया।सपा सांसद डिंपल यादव ने बीजेपी नेत्रियों और नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा था कि उत्तराखंड में 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या हो जाती है तब कोई कुछ नहीं बोलता है। आज महिलाओं को सशक्त करने की याद आ रही है।इसमें कोई दो राय नहीं है कि उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड और महिला सुरक्षा का मुद्दा बीजेपी के लिए गले की फांस बन गया है।आलाकमान ने उत्तराखंड में सीएम धामी को न बदलने का फैसला कर  एक प्रकार से विपक्ष को ही ताकत दी है।हालांकि जानकार मानते हैं कि बीजेपी में कब क्या हो जाए कहा नहीं जा सकता है।राज्य में आमजन में गुस्सा बरकरार है।उसकी वजह है। विवादों और आरोपों में घिरे एक भी नेता को आलाकमान ने पद से नहीं हटाया।सीएम धामी और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की जोड़ी बरकरार रखी।दूसरा दुष्यन्त गौतम से दूरी तो बना ली लेकिन आज भी उत्तराखंड के प्रभारी हैं।साथ ही प्रदेश संगठन मंत्री अजय कुमार भी यथावत हैं। इससे उत्तराखंड में संदेश जा रहा है कि बीजेपी आलाकमान राज्य की जनता के गुस्से की अनदेखी कर रहा है।इससे रोष बढ़ा है। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर धरने प्रदर्शन बढ़ गए है। डाक्टर अंबेडकर जयंती पर अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष समिति ने परेड ग्राउंड ने धरना दे जता दिया आंदोलन कमजोर नहीं पड़ा है।इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देहरादून दौरे के दौरान कांग्रेस ने दिल्ली के निर्भय हत्याकांड को उठाते हुए पीएम से अंकिता भंडारी हत्याकांड और महिला सुरक्षा के मुद्दे को उठा सवाल पूछे थे।हिमालय राज्यों में उत्तराखंड महिलाओं पर बढ़ते अपराध ने नंबर एक पर है।बीजेपी की एक नेत्री दीप्ति रावत भारद्वाज ने तो बढ़ते अपराधों के लिए सरकार का बचाव करते हुए कह दिया राज्य में महिलाएं ज्यादा है इसलिए अपराध ज्यादा दिखता है।इससे विवाद छिड़ गया।बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व एक तरफ महिलाओं को लुभाने के लिए महिला आरक्षण को मुद्दा बना आधी आबादी को रिझा रहा है दूसरी तरफ उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड,महिलाओं पर बढ़ते अपराध के मामले बीजेपी की चुनाव में राह मुश्किल कर सकते है।जानकारों का मानना है कि पीएम मोदी राज्य की पूरी टीम को ऊपर से लेकर नीचे तक नहीं बदलेंगे तो चुनाव जीतना मुश्किल होगा।
The Sunday Mail
Author: The Sunday Mail

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