best news portal development company in india

धामी,गौतम और अजय फिर आए निशाने पर

SHARE:

अंकिता भंडारी हत्याकांड फिर गर्माया
धामी,गौतम और अजय फिर आए निशाने पर
द संडे मेल
देहरादून।अंकिता भंडारी हत्याकांड उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर गर्मा चुका है।शुक्रवार को अंकिता न्याय मंच ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी,बीजेपी नेता दुष्यंत गौतम,अजय कुमार की भूमिका की जांच की माँग फिर दोहराई।प्रदर्शनकारियों में इस बात को लेकर गुस्सा था कि 9 माह बीत जाने के बाद भी सीबीआई ने इन नेताओं से न तो पूछताछ की और ना ही अभी तक कोई कार्रवाई की गई।प्रदेश कांग्रेस ने राज्यभर में मोमबत्ती जलाकर अंकिता को याद किया और उन्हें श्रद्धाजलि दी।अंकिता की चार साल पहले आज के दिन हत्या कर दी गई थी।कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने धामी सरकार पर सवाल उठा बीजेपी पर हमला बोला।कांग्रेस के रुख से साफ है कि वह अंकिता हत्याकांड को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाएगी क्योंकि बीजेपी मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है।देहरादून की सड़को पर आज महिलाओं ने जोरदार प्रदर्शन कर गुस्से का इजहार किया।

 

आमजन में गुस्सा इसलिए ज्यादा है कि चार साल पहले अंकिता की हत्या सीएम धामी के कार्यकाल में ही हुई थी।ज कांग्रेस लगातार आरोप लगाती रही है कि धामी सरकार ने अंकिता हत्याकांड के सबूत मिटाये। इससे जनता में ज्यादा गुस्सा है।सीबीआई जांच के बाद भी बीते 6 माह में किसी पर कोई कार्रवाई नहीं होने से लोगों में गुस्सा बढ़ा है।न्याय मच से जुड़ी कमला पंत ने अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवालों को फिर से उठाया और कहा कि जनता जवाब जानना चाहती है।उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में जिन VIP आरोपियों दुष्यंत कुमार और अजय कुमार के नाम सामने आए हैं, उनकी जांच क्यों नहीं हुई?वनंतरा रिसोर्ट पर बुलडोजर चलाने के आदेश देने वाले मुख्यमंत्री पुष्कर धामी की भूमिका की जांच क्यों नहीं हुई?रिसोर्ट पर बुलडोजर चलवाने में स्थानीय विधायक रेणु बिष्ट और आरती गौड़ की भूमिका की जांच क्यों नहीं की गई।अंकिता भंडारी हत्याकांड की CBI जांच के 9 महीने बीत जाने के बाद भी जांच शुरू क्यों नहीं हुई?अंकिता के माता-पिता द्वारा मुख्यमंत्री को दिए गए पत्र को CBI जांच के लिए FIR का आधार न बनाकर अनिल जोशी की FIR क्यों स्वीकार की गई?मंच की सदस्य और कांग्रेस प्रवक्ता सुजाता पॉल ने कहा कि प्रदेश की जनता तब तक चुप नहीं बैठेगी जब तक अंकिता के माता पिता को न्याय नहीं मिलता है।देहरादून के गांधी पार्क से घंटाघर तक और वापस गांधी पार्क तक मानव श्रृंखला बनाई गई। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भागीदारी की। मानव श्रृंखला के माध्यम से अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को आगे बढ़ाने और संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया गया।
The Sunday Mail
Author: The Sunday Mail

Leave a Comment