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उत्तराखंड : इमेज चमकाने पर 1हजार करोड़ खर्च

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धामी सरकार का एक और कमाल 
द संडे मेल
नई दिल्ली। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी और सरकार की इमेज चमकाने पर बीते पांच साल में लगभग एक हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कर डाले।अगर वाकई ऐसा किया गया है तो उन्होंने अपने नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मॉडल की पूरी तरह से अनदेखी कर दी है।प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए राज्य का एक मॉडल तैयार किया था।उनका मॉडल था राज्य का अधिक से अधिक विकास करो प्रचार अपने आप हो जाएगा।उसी मॉडल का बीजेपी आज तक प्रचार करती है।प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मुख्यमंत्री काल में कभी भी मार्केटिंग पर खर्चा नहीं किया था।गुजरात  सम्पन्न राज्य था उसके बाद भी मोदी ने राज्य के विकास पर फोकस किया।जबकि उत्तराखंड की स्थिति एक दम भिन्न है। राज्य बने हुए 25 साल हो गए हैं लेकिन
डेढ़ पौने दो करोड़ की आबादी वाले उत्तराखंड प्रदेश में आज भी लोग स्वास्थ्य की ठीक व्यवस्था न होने के चलते लोग दम तोड़ देते हैं।देहरादून और हल्द्वानी जैसे मैदानी शहरों को को छोड़ दें तो बाकी शहर, कस्बों और गांव के आसपास कोई ढंग का अस्पताल ही नहीं।गांव को जोड़ने वाली अधिकांश सड़कें आज भी बदहाल हैं।बिजली पानी की हालत भी किसी से छिपी नहीं। शिक्षा के नाम पर भी नया कुछ नहीं हुआ।इसके चलते राज्य में जमकर पलायन हुआ।पहाड़ खाली हो गए।युवा बेरोजगार भटक रहे हैं।बेरोजगार युवाओं ने पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन कर अपने गुस्से का अहसास सरकार को करा दिया है।सरकार ने सीबीआई की जांच का भरोसा दे फिलहाल आंदोलन समाप्त करवा दिया है।लेकिन कांग्रेस को सीएम की घोषणा पर भरोसा नहीं है।कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करण महर कहते हैं कांग्रेस 3 अक्टूबर को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेगी।कांग्रेस को सरकार पर भरोसा नहीं है कि वह सीबीआई की जांच ईमानदारी से कराएगी।एक तो हाईकोर्ट के जज की निगरानी में जांच होनी चाहिए।सरकार उस संस्थान के खिलाफ भी एक्शन ले जहां से पेपर लीक की शुरुआत हुई।विज्ञापन वाला मामला तो बहुत गंभीर है।ऐसे अखबारों मीडिया वालों को करोड़ों के विज्ञापन दिए गए हैं जिनका कोई जनाधार ही नहीं है।भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए सरकार सारे हथकंडे अपना रही है।लेकिन कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।बेरोजगारी और भ्रष्टाचार से जनता सीएम धामी की सरकार से त्रस्त हो चुकी है।
  इन हालत में परेशान युवा और विकास के लिए तरस रहे पहाड़ वासियों को अगर पता चला कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी और सरकार की मार्केटिंग पर एक हजार करोड़ से ज्यादा खर्च दिए हैं तो इससे बीजेपी के प्रति नाराजगी और बढ़ेगी।लगातार टीवी में दिखाए जाने वाले विज्ञापनों में सीएम धामी और राज्य को ऐसा चमचमाता हुआ बताया जाता है कि जैसे देश का सबसे विकसित राज्य उत्तराखंड ही है।जबकि स्थिति इसके विपरीत है।विकास के नाम उत्तराखण्ड को अभी तक ठगा ही गया है।त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल में विज्ञापन का जो खर्चा 77 करोड़ था धामी ने उसे आते ही तीन गुना 227 करोड़ कर दिया।जो बाद में बढ़ता गया।प्रचार का दायरा पूरा देश बनाया गया।कायदे कानून ताक में रख जमकर विज्ञापन बांटे गए।बड़े बड़े हाउस को ज्यादा धन राशि दी गई।
उत्तराखंड के जो हालात हैं उनमें विपक्ष को एक यह बड़ा मुद्दा मिल गया।भ्रष्टाचार और पेपर लीक को लेकर ही धामी सरकार के खिलाफ प्रदेशभर में नाराजगी व्याप्त है।खास तौर पर यंग जनरेशन में।बीजेपी आलाकमान के पास भी नाराजगी की रिपोर्ट पहुंची है।आने वाले दिनों में उत्तराखंड की राजनीति में कुछ बड़ा होने के आसार हैं।समाप्त
The Sunday Mail
Author: The Sunday Mail

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