आमजन में सवाल तो है कि मसूरी घोटाला सामने आने के समय ही बेरोजगार आंदोलन क्यों हुआ। हालांकि यह आंदोलन धामी सरकार के खिलाफ व्याप्त भ्रष्टाचार के गुस्से को खुल कर सामने लाने में सफल रहा।धामी सरकार भले ही अब बचाव में कुछ भी कहे लेकिन केंद्रीय नेतृत्व भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर चिन्तित और गुस्से में है।क्योंकि नया साल लगते ही चुनाव वर्ष शुरू हो जाएगा।सोशल मीडिया और दूसरे मीडिया में भ्रष्टाचार बड़ा मुद्दा बन चुका है।भ्रष्टाचार मार्केटिंग में भी जमकर हुआ है।दूरदर्शन से लेकर छोटे मोटे चैनलों से लेकर बड़े बड़े चैनलों को करोड़ों रुपए दे दिए गए। प्रिंट मीडिया में भी कमोवेश यही स्थिति है।कायदे कानून ताक में रख उत्तराखंड के विकास का ऐसा प्रचार किया जा रहा है कि जैसे खुशहाल राज्य बन गया हो।भ्रष्टाचार को दबाने के लिए राजनीति भी निचले स्तर की हो रही है।सब को साथ लेकर चलने के बजाए इलाके को महत्व दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी का सबका साथ सब का विकास वाला नारा उत्तराखंड में कमजोर हुआ है।समाप्त