best news portal development company in india

गहलोत भजनलाल सरकार पर बरसे

SHARE:

एसएमएस अग्निकांड की जांच न्यायिक आयोग करे 

प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था चौपट हुई

द संडे मेल

जयपुर।एसएमएस अस्पताल में हुए अग्निकांड ने सरकार की व्यवस्था की पोल पट्टी खोल कर रख दी।राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भजनलाल शर्मा सरकार की पूरी स्वास्थ्य व्यस्था पर सवाल उठा मांग की है कि एसएमएस अस्पताल अग्निकांड की जांच न्यायिक आयोग करे।इस अग्निकांड में अस्पताल में भर्ती आधा दर्जन से ज्यादा मरीजों की मौत हो गई थी और कई घायल हो गए थे।राजस्थान में अपनी तरह का यह पहला अग्निकांड माना जा रहा है।जिम्मेदार माने जाने वाले कई अफसरों पर कारवाई तो की गई है लेकिन भजनलाल शर्मा सरकार सवालों में घिर गई है। खास तौर पर स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर।राज्य में कई मामले ऐसे हो गए हैं जो सरकार की खामियां उजागर करते हैं।क्योंकि बीजेपी ने सत्ता में आते ही गहलोत सरकार के समय की कई लाभकारी योजनाएं बंद कर दी थी।जिसका असर अब दिखने लगा।सरकारी अस्पतालों में भीड़ बढ़ने लगी।इलाज के अभाव में आम जन निराश है।गहलोत सरकार ने 25 लाख तक मुफ्त इलाज और निशुल्क दवा वितरण जैसी कई योजनाएं चलाई थी जिसका लाखों लोगों को लाभ मिला था।आम आदमी निजी अस्पतालों में इलाज करवा सरकार की योजना का लाभ लेता था।सरकारी अस्पतालों में भीड़ कम होने लगी थी।देशभर में पॉपलर इस योजना को बीजेपी ने सत्ता में आते ही तुरंत बंद कर दी थी।लोकप्रिय जन कल्याणकारी योजनाओं के चलते गहलोत को लोग अब याद करने लगे हैं।उनकी लोकप्रियता में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है।इसलिए गहलोत जो भी बोल रहे हैं आमजन पर सीधे असर पड़ रहा है।  चुनाव हारने के बाद गहलोत अब ज्यादा सक्रिय हो गए हैं।राज्य में कहीं भी कुछ हो जाता है गहलोत पीड़ित और प्रभावित लोगों के साथ खड़े दिखते हैं।गहलोत अग्निकांड के बाद मौके पर पहुंचे,प्रभावितों से मिले।गहलोत बड़े व्यथित दिखे।गहलोत कहते हैं कि प्रदेश की स्थिति आज बहुत ही भयावह है।हर वर्ग परेशान है।कानून व्यवस्था तो चौपट है ही स्वास्थ्य जैसी व्यवस्था चरमरा जाना हैरान करने वाला है।झालावाड़ के अंदर बच्चे कफ सिरप पीकर मर जाते हैं।जब अस्पताल पहुंचे तो देखा वहां अफरातफरी थी।परिवार वाले चिल्ला चिल्ला कर अपनों की बॉडी तलाश रहे थे। मतलब ऐसी अव्यवस्था मैने कभी नहीं देखी।  मुख्यमंत्री अगर पीड़ितों की मदद करते तो परिवारजनों को कम से कम लगता भई सरकार चिंतित है।मुख्यमंत्री अपनी बात कहते, प्रभावितों को यकीन दिलाते भई आपके साथ न्याय होगा। हम पूरी कोशिश कर रहे हैं बचाने की।लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।इससे वहां पर आक्रोश फैल गया । मैं मौके पर गया मुआयना किया ,पूरा जला हुआ एरिया था। पता नहीं वहां भर्ती लोगों पर क्या बीती होगी।घुटन से मर गए,जल गए। ऐसी लापरवाही कभी नहीं देखी। जो हालात देखे उसको देखते हुए तुरंत आयोग  न्यायिक आयोग बिठाना चाहिए। आयोग इसलिए कि वह हर बात की जांच करेगा।आग क्यों लगी,कौन जिम्मेदार था,कहां लापरवाही हुई।आगे इस तरह की घटना न हो क्या कदम उठाने चाहिए आदि सब जांच होगी।इसलिए मैंने लॉन्गटर्म के लिए कहा है कि  आप न्यायिक जांच बिठवाओ।

   गहलोत कहते हैं कि प्रदेश में सरकार नाम की चीज ही नहीं है।प्रदेश में कहीं चले जाओ।आप को एक ही बात सुनने को मिलेगी कि किस से  शिकायत करें।कोई सुनने वाला ही नहीं है।बिना पैसे दिए काम हो नहीं रहा है।मैं ये दावा नहीं करता कि कांग्रेस  या किसी भी पॉलिटिकल पार्टी के शासन में भ्रष्टाचार समाप्त हो जाता है।लेकिन इस सरकार ने तो भ्रष्टाचार की सभी सीमाएं लांग दी है। बिना पैसे दिए सुनवाई नहीं होती है। खुली छूट मिल गई है। कोई मॉनिटरिंग नहीं हो रही है।

 गहलोत कहते हैं कि हमारी सरकार ने दवाइयां फ्री कर दी थी,  ऑपरेशन फ्री कर दिए थे, इलाज फ्री कर दिया था, सीटी स्कैन फ्री था, एमआरआई फ्री थी।लेकिन अब सब बंद हो गया।सरकार जनता में आक्रोश खुद ही पैदा कर रही है।मुफ्त अनाज की योजनाएं बंद कर दी ।अन्नपूर्णा योजना को बंद करने की क्या जरूरत थी।कुछ करना था तो उसमें मौजूदा सीएम का फोटो लगवा देते।कम कम योजना तो चालू रखते। मैं कहीं जाता हूं तो गांव की महिलाएं, बुजुर्ग सब यही कहते हैं सर वो थैला गायब हो गया, अब खाली थैला हमें पकड़ा रहे हैं।अजीब बात है कि प्रधानमंत्री की फोटो लगा कर  खाली थैला दे रहे हैं।गहलोत कहते हैं कि सरकार के खिलाफ नहीं बोल रहा हूं। अभी तो डेढ़ साल ही हुआ है इनको आए हुए। पांच साल इनको राज करना है। इसलिए बोल रहा हूं क्योंकि हम विपक्ष में हैं, अगर सरकार गुड गवर्नेंस देगी , सुशासन देगी  तो फायदा किसको होगा, जनता को होगा, जनता का फायदा देखना हमारा फ़र्ज़ बनता है। इसलिए हम बार बार इनकी कमियों को बताते हैं।हर योजना को लेकर जनता में रोष है।महीनों तक पेंशन नहीं मिलती है। मनरेगा का पेमेंट नहीं हो रहा है।सभी जगह हाहाकार मचा हुआ है।

The Sunday Mail
Author: The Sunday Mail

Leave a Comment