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दुष्यंत,धामी,भट्ट के बाद पीएम भी कांग्रेस के निशाने पर

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बीजेपी के लिए उत्तराखंड की राह हुई मुश्किल
द संडे मेल
देहरादून।कांग्रेस ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में अब बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व को लपेटे में ले लिया है।अंकिता हत्याकांड में ट्विस्ट लाने वाली उर्मिला सनावर रोज नए मामले उजागर करने में लगी है।उत्तराखंड के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम,मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बाद अब उर्मिला के निशाने पर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी आ गए हैं। उर्मिला ने भट्ट के साथ अपनी फोटो वायरल करने के साथ उन पर गंभीर आरोप लगाए।
देश में पहली बार बीजेपी के नेताओं की इस तरह की छिछालेदारी होने के बाद भी केंद्रीय नेतृत्व ने मोन साधा हुआ है।हालांकि हरिद्वार के सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत इस तरह के मामलों से गंभीर सवाल उठते हैं।खास तौर पर तब महिलाओं से जुड़ा मामला हो क्योंकि आधी आबादी महिलाओं की है।उनका सम्मान होना चाहिए।बीजेपी में इस मामले के आने के बाद सन्नाटा पसरा हुआ है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह तक मामला पहुंच गया है। पार्टी की दुविधा यही बनी हुई है कि करें तो क्या करें।क्योंकि प्रदेश के तीन बड़े नेता प्रभारी, मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष ही सवालों के घेरे में आ चुके हैं।दुष्यंत गौतम के बाद उर्मिला ने प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पर गंभीर आरोप लगाए हैं।उत्तराखंड में दुष्यंत गौतम के पुतले जला अंकिता को न्याय दिलाने की मांग ने जोर पकड़ लिया है।बीजेपी के लोकल नेता भी दुष्यन्त पर कार्रवाई की मांग करने लगे हैं।

    बीजेपी नेताओं के साथ उर्मिला 
इस बीच कांग्रेस ने अपने हैंडल से मौन भाजपा अंकिता भंडारी हत्याकांड पोस्टर जारी किया है। जिसमें प्रधानमंत्री मोदी, सीएम धामी और प्रदेश अध्यक्ष भट्ट के मुंह सिले हुए दिखाए गए हैं।कांग्रेस अंकिता हत्याकांड को तूल दे आधी आबादी को साधने में जुट गई है।महिलाओं को बीजेपी का असल वोटर माना जाता है।पहली बार बीजेपी बैक फुट पर दिख रही है।इस बीच उर्मिला अपने वीडियो जारी कर खुले आम बीजेपी के नेताओं पर चरित्रहीन के गंभीर आरोप लगा पार्टी की फजीहत करने में जुटी हुई है। मुख्यमंत्री धामी और महेन्द्र भट्ट चौतरफा गिर गए हैं।

दुष्यंत गौतम का पुतला दहन करती भीड़
तमाम शिकायतों के बाद भी दोनों नेताओं का बचाव करने वाले दुष्यंत गौतम खुद भी टारगेट में है।इस बीच अंकिता की मां ने भी न्याय की बात की है।जिस सोशल मीडिया से बीजेपी ने सत्ता पाई वही सोशल मीडिया बीजेपी नेताओं की बखिया उखाड़ रहा है।सवाल उठने लगे हैं कि प्रधानमंत्री मोदी ने हारे हुए धामी को फिर सीएम क्यों बनाया? सीएम बनाने से पूर्व धामी के बारे में पता लगाया जाना चाहिए था। भ्रष्टाचार और दूसरे तमाम मुद्दों को लेकर सरकार की फजीहत हो रही थी।लेकिन आलाकमान मोन था।
  अंकिता हत्याकांड उत्तराखंड की भावनाओं से जुड़ा हुआ है।प्रधानमंत्री मोदी ने अगर कोई कड़ा कदम अपने आरोपित नेताओं के खिलाफ नहीं उठाया तो उत्तराखंड में इस बार बीजेपी का कोई जादू चल नहीं पाएगा।
The Sunday Mail
Author: The Sunday Mail

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