इस्तीफे का बढ़ रहा है दबाव,उत्तराखंड की छवि पर भी असर
द संडे मेल
देहरादून।उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चौतरफा घिरते जा रहे हैं।अंकिता भंडारी और एंजेल चकमा हत्याकांड को लेकर धामी पहले ही विपक्ष के निशाने पर थे अब उनकी सरकार की मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू के बिहार की लड़कियों को लेकर दिए बयान ने बिहार तक की राजनीति को गरमा दिया।साहू ने बिहार की महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक बयान दे कांग्रेस और पूरे विपक्ष को एक और मुद्दा दे दिया।साहू ने बिहार में लड़कियां 20 से 25 हजार में खरीदी जाती जैसा बयान दिया था।
।रेखा आर्य के पति के बयान की तुंरत बिहार में प्रतिक्रिया देखने को मिली।बिहार महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने उन्हें नोटिस भेजा तो बीजेपी और राजद ने बयान की निंदा की।राष्ट्रीय जनता दल ने रेखा आर्य के पति पर कार्रवाई की मांग की है।इधर पूरे उत्तराखंड में सीएम धामी की सरकार और रेखा आर्य के खिलाफ गुस्सा और बढ़ गया।कांग्रेस ने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के साथ अब रेखा आर्य के भी इस्तीफे की मांग की है।रेखा आर्य के पति के खिलाफ पुलिस में केस भी दर्ज कर दिया गया है।यह बयान ऐसे समय पर आया है जब अंकिता भंडारी हत्याकांड और त्रिपुरा के आदिवासी छात्र एंजेल चकमा हत्याकांड को लेकर मुख्यमंत्री धामी पहले ही परेशानी में घिरे हुए थे रेखा आर्य के पति ने और परेशानी बढ़ा दी।देहरादून से लेकर दिल्ली तक आज कल उत्तराखंड ही छाया हुआ था अब मामला बिहार तक पहुंच गया।

एंजेल के मामले को लेकर शुक्रवार को देशभर के सामाजिक संगठनों ने हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन राष्ट्रपति को भेज राज्य सरकार को तुरंत तलब करने की मांग की है।एंजेल की हत्या ने धामी सरकार की बिगड़ती कानून व्यवस्था की कलई फिर खोल कर रख दी।राज्य की छवि पर भी असर पड़ा।उत्तराखंड शांत राज्य माना जाता था।लेकिन अंकिता हत्याकांड और फिर उसके बाद निकाय चुनाव ने राज्य की छवि को बड़ा नुकसान पहुंचाया है।धामी अपनी पार्टी में अकेले पड़ते जा रहे हैं।बीजेपी की परेशानी यह है कि सभी मामलों से पार्टी की छवि बिगड़ी है।धामी रेखा आर्य से इस्तीफा ले नहीं सकते है।पहले ही मंत्रिमंडल में जगह खाली हैं।केंद्र विस्तार की अनुमति नहीं दे रहा है।वीआईपी को बचाने के चक्कर में सीएम धामी चौतरफा घिर गए हैं।कांग्रेस आरोपित वीआईपी बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम पर कार्रवाई की मांग कर आंदोलन कर रही है।सामाजिक कार्यकर्ता
योगिता भयाना ने तो देहरादून पहुंच अंकिता मामले में मुख्यमंत्री धामी से इस्तीफे की मांग की है।उन्नाव रेप कांड मामले में योगिता खुल कर पीड़िता की समर्थन में आई थी।
कांग्रेस अंकिता मामले में बीजेपी को महिला विरोधी बताने में जुटी है।कई महिला संगठन भी अंकिता के लिए न्याय की मांग कर सामने आए।अंकिता हत्याकांड के साथ अब मंत्री रेखा आर्य के पति का बयान भी इसमें जुड़ गया है।रेखा आर्य के पति ने माफी मांग बयान को तोड़मरोड़ के पेश करने की बात कही। लेकिन चुनाव साल में कांग्रेस हमलावर हो गई है।उत्तर प्रदेश और बिहार में भी महिला उत्पीड़न को लेकर विपक्ष हमलावर बना हुआ है।लड़कियों की खरीददारी जैसा बयान और अंकिता हत्याकांड उत्तराखंड और पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में मुद्दा बन सकता है।कांग्रेस और विपक्ष ने तूल देना शुरू कर दिया है।कांग्रेस दुष्यंत गौतम पर कार्रवाई के साथ सीएम धामी ओर रेखा आर्य के इस्तीफे पर अड़ी हुई है।एंजेल हत्याकांड का असर उत्तर पूर्वी राज्यों पर पड़ा है। असम में अप्रैल में चुनाव होने हैं।कांग्रेस ने एंजेल हत्याकांड को वहां पर चुनावी मुद्दा बना लिया है।
सभी चित्र सोशल मीडिया से लिए गए हैं।








