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सुखवंत की आत्महत्या से किसान संगठनों में भी नाराजगी

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धामी सरकार की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

द संडे मेल

देहरादून। किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या का मामला तूल पकड़ने लगा है।विपक्षी दलों के साथ किसान संगठनों ने भी धामी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।हालांकि राज्य सरकार ने जांच के लिए एसआईटी का गठन कर निलंबित पुलिस कर्मियों का चमोली रुद्रप्रयाग तबादला कर दिया है।लेकिन इसके बाद भी उधम सिंह नगर के साथ पूरे मैदानी इलाके में किसान आत्महत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है।भारतीय किसान यूनियन समेत कई किसान संगठनों दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के साथ मांग की है

मृतक किसान के परिवार को पैसा,जमीन देने के साथ परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की भी मांग की है।सुखवंत सिंह ने बीते पिछले हफ्ते काठगोदाम हल्द्वानी में आत्महत्या कर ली थी।मरने से पूर्व एक वीडियो जारी कर सुखवंत ने आत्महत्या के लिए पुलिस तथा प्रशाशन को दोषी ठहराया था।पूरे मामले की सीबीआई से जांच की भी मांग थी।

  इस घटना से पूरे उत्तराखंड में सनसनी फैल गई थी।सुखवंत ने उधमसिंह नगर के पुलिस वालों को जिम्मेदार ठहराया था।इस घटना के घटते ही कांग्रेस सरकार पर हमलावर हो गई यही नहीं बीजेपी के विधायक अरविंद पाण्डे ने भी अपनी सरकार पर सवाल उठा सीबीआई की मांग का समर्थन किया था।अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर चौतरफा घिरे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उनकी सरकार का इस आत्महत्या ने और संकट बढ़ा दिया।क्योंकि इस मामले ने किसानों के साथ हो रहे हत्याचारों की पोल खोल कर रख दी।पंजाब संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक नेता अभिमन्यु कोहाड़ वीडियो जारी कर कहा है कि उत्तराखंड किसान आत्महत्या बताता है कि कैसे स्वार्थ के लैंड स्कैम्स को अंजाम दिया जाता है। भोले भाले किसानों को ट्रैप किया जाता है।उन्होंने कहा है कि उत्तराखण्ड सरकार को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करके  जिस पैसे से जमीन खरीदी गई थी  पैसा वापिस दिया जाए या फिर वही जमीन दी जाए जिसे किसान ने खरीदा था।साथ ही परिवार के एक सदस्य को नौकरी की मांग भी संगठन ने की है।चुनाव साल में इस मामले ने तूल पकड़ा तो बीजेपी की मुश्किलें और बढ़ेंगी।क्योंकि अंकिता हत्याकांड से पूरे उत्तराखंड में महिलाओं में धामी सरकार के खिलाफ भारी रोष है।सीबीआई जांच की घोषणा से बहुत असर नहीं पड़ा।कांग्रेस मंत्री रेखा आर्य और उनके पति के खिलाफ अलग से मोर्चा खोला हुआ है।रेखा आर्य के पति ने भी बिहार में लड़कियां खरीदी जाती हैं जैसा बयान दे पार्टी को संकट में डाला हुआ।अब किसानों की नाराजगी और संकट में डाल सकती है।

The Sunday Mail
Author: The Sunday Mail

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