पुलिस प्रशासन सवालों के घेरे में, कांग्रेस को एक और मुद्दा मिला
द संडे मेल
नई दिल्ली।उत्तराखंड के कोटद्वार में घटी घटना ने राज्य की कानून व्यवस्था के साथ लोकल पुलिस को सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया है।उत्तराखंड में लगातार घट रही सांप्रदायिक घटनाओं से पहाड़ की छवि को आघात लगा है।त्रिपुरा के एक युवक की हत्या।उसके बाद देहरादून में कश्मीरी बोलने पर युवकों की पिटाई। और अब कोटद्वार में एक अल्पसंख्यक समुदाय को बचाने वाले युवक दीपक पर किए गए हमलों ने राज्य की कानून व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है।लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी कोटद्वार की घटना को संज्ञान में ले बीजेपी और संघ पर बड़ा हमला बोला है।अपने पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा है कि उत्तराखंड के दीपक भारत के हीरो हैं।दीपक संविधान और इंसानियत के लिए लड़ रहे हैं – उस संविधान के लिए जिसे BJP और संघ परिवार रोज़ रौंदने की साज़िश कर रहे हैं।

हमलावरों को रोकने के बजाए दीपक को घेरती पुलिस
वे नफ़रत के बाज़ार में मोहब्बत की दुकान का जीवित प्रतीक हैं और यही बात सत्ता को सबसे ज़्यादा चुभती है।संघ परिवार जानबूझकर देश में आर्थिक और सामाजिक ज़हर घोल रहा है, ताकि भारत बँटा रहे और कुछ लोग डर के सहारे राज करते रहें। उत्तराखंड की BJP सरकार खुलेआम उन असामाजिक ताक़तों का साथ दे रही है जो आम नागरिकों को डराने और परेशान करने में लगी हैं।
दुकानदार जिसे नाम बदलने को धमकाते








