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शाह का धामी को सीधा संदेश:  उनके 4 साल का नहीं, बल्कि बीजेपी के नौ साल के शासन  का उत्सव 

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त्रिवेंद्र रावत की भी जमकर की तारीफ
द संडे मेल
हरिद्वार। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का शनिवार का हरिद्वार दौरा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिहाज से ठीक ठाक नहीं कहा जा सकता है।क्योंकि गृहमंत्री शाह ने जनसभा में सीधा संदेश दिया कि यह उत्सव धामी के चार साल के शासन का ही नहीं है बल्कि बीजेपी सरकार के 9 साल का उत्सव है।इससे मुख्यमंत्री धामी को मंच में असहज स्थिति का सामना करना पड़ा।उन्होंने एक प्रकार से याद दिलाया कि उत्तराखंड में बीजेपी के शासन को चार साल नहीं पूरे 9 साल हो गए हैं।इसमें दिलचस्प बात यह रही कि अमित शाह ने अपने भाषण में पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार से सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत  के कार्यकाल का कम से कम एक दर्जन बार उल्लेख किया।इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उत्तराखंड बीजेपी का पूरा शीर्ष नेतृत्व हरिद्वार में एकत्र हुआ था, जहां अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे।जहां धामी सरकार का पूरा ध्यान उनके चार साल के कार्यकाल को उजागर करने पर था, वहीं अमित शाह ने उत्तराखंड की जनता को यह स्पष्ट संदेश दिया कि पिछले नौ वर्षों में रावत और धामी के नेतृत्व में बीजेपी सरकार ने राज्य में कई सकारात्मक बदलाव किए हैं।
 उन्होंने उत्तराखंड की जनता से तीसरी बार बीजेपी सरकार बनाने की अपील जरूर की लेकिन यह नहीं कहा कि धामी को फिर सीएम बनाएंगे।शाह ने त्रिवेंद्र सिंह रावत के चार साल के शासन और मौजूदा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पांच साल के कार्यकाल का जिक्र कहा कि इन 9 साल में उत्तराखंड ने विकास के नए आयाम लिखे हैं।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जिक्र तो किया लेकिन पूर्व मुख्यमंत्रियों का भी जिक्र करना नहीं भूले।वहां मौजूद केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा के साथ बाकी सांसदों के नाम भी लिए।लेकिन गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी को अपना मित्र बता पार्टी को संदेश भी दिया।उत्तराखंड में चुनाव साल शुरू हो चुका है।धामी सरकार के चार साल पूरे होने पर सभा का आयोजन किया गया था लेकिन गृहमंत्री ने 9 साल और अटल बिहारी शासन की भी चर्चा कर कहा कि राज्य का गठन और उसे बुलंदी पर बीजेपी ने ही पहुंचाया। एक प्रकार से शाह ने प्रदेश के नेताओं को एक जुट कर संदेश देने की कोशिश की कि अभी चुनाव जितवाने में जुट जाओ बाकी मौका किसे कब मिलता है आलाकमान पर छोड़ दो। शाह का पहला राजनीतिक दौरा ऐसे समय पर हुआ जब पार्टी के भीतर भारी खींचतान के साथ सीएम धामी के खिलाफ भारी नाराजगी भी है।अब देखना होगा कि आलाकमान आने वाले दिनों में क्या कदम उठाता है।केंद्रीय बजट के बाद बीजेपी और पीएम मोदी की टीम में बड़े बदलाव की अटकलें हैं।
The Sunday Mail
Author: The Sunday Mail

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