खेल में रिश्वत और कटते पेड़ों के सवालों का नहीं दे पाए जवाब
द संडे मेल
देहरादून।उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए युवाओं से सीधा संवाद काफी महंगा पड़ गया।दो बच्चियों ने राज्य में चल रही कुव्यवस्था की पोल खोल कर रख दी।पिछले दिनों दिल्ली में पेपर लीक को लेकर किए गए युवाओं के आंदोलन के बाद केंद्र के निर्देश पर सीएम धामी ने युवाओं से सीधा संवाद कार्यक्रम रखा था।बच्चों ने कई मुद्दे उठाए लेकिन सबसे ज्यादा ध्यान खींचा एक खिलाड़ी की तरफ से पैसे मांगे जाने के सवाल ने और दूसरा अहम सवाल उठा पेड़ों के काटे जाने का।सीएम धामी दोनों का जवाब नहीं दे पाए।सीएम धामी के पास भ्रष्टाचार के आरोपों का जवाब देने का बड़ा मौका था,लेकिन वह चूक गए।खिलाड़ी लड़की ने बताया कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय खेल में शामिल होने के लिए डेढ़ लाख रुपए मांगे गए।बच्ची ने जो बोला उसने खेलों में व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल खोल कर रख दी थी।पूरे सम्मेलन में सन्नाटा छा गया।सीएम धामी ने बच्ची को बैठने की बात कर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया।
यह तब हुआ जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव मदद की बात करते रहते हैं ।इसके बाद भी बालिका खिलाड़ी की मदद नहीं हो पाना हैरान करता है।मामला वायरल होने और तूल पकड़ने के बाद उस बच्ची का एक वीडियो सामने लाया गया जिसमें वह बच्ची बता रही है कि डेढ़ लाख रुपये अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल होने का खर्चा था।जो वह नहीं दे पाई इसलिए वह प्रतियोगिता में नहीं जा पाई।भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए बच्ची से झूठा बयान दिलवा दिया गया। ताईक्वांडो की इस खिलाड़ी ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता जीती थी।अच्छी खिलाड़ी मानी जाती है।भ्रष्टाचार ने बच्ची की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।इसी कार्यक्रम के दौरान एक बच्ची ने देहरादून के एक इलाके में काटे गए पेड़ों का जिक्र कर सीएम धामी को बड़ी सीख दी।बच्ची ने कहा कि सहस्रधारा रोड पर विकास हो लेकिन हरियाली का ध्यान रखा जाए।पेड़ों को न काटा जाए।उत्तराखंड में विकास के नाम पर बड़ी संख्या में पेड़ काटे जा रहे हैं।लेकिन वृक्षारोपण के नाम पर खुल कर भ्रष्टाचार हो रहा है। देहरादून ही नहीं है पूरे पहाड़ को माफिया ने नंगा कर दिये है।बीते दस साल में उत्तराखंड की हालत बिगड़ी है।बच्चियों के उठाए सवालों ने सरकार के कुशासन की पोल खोल कर रख दी।राज्य में कुछ माह बाद चुनाव होने है।राज्य की जनता भ्रष्टाचार से पीड़ित है।युवा भी बढ़ती बेरोजगारी,भ्रष्टाचार और पेपर लीक को लेकर पहले ही गुस्से में है।पेपर लीक मामले को लेकर उत्तराखंड का युवा पिछले साल सड़कों पर उतरा था अब फिर सड़कों पर है।स्कूल के छात्र भी स्कूलों के बुरे हालातों को लेकर सड़कों पर उतरने लगे है।राज्य की स्थिति काफी गंभीर है।कांग्रेस को बच्चों ने बड़ा मुद्दा दे दिया है ।कांग्रेस की प्रभारी कुमारी शैलजा से लेकर राज्य के नेताओं ने बच्ची से मांगे गए डेढ़ लाख रुपए को सीधे रिश्वत से जोड़ धामी पर हमले बोलने शुरू कर दिए है।







