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उत्तराखंड की बिगड़ती कानून व्यवस्था  संघ विचारधारा वाले परिवार पर पुलिस का कहर

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90 साल की पीड़िता की पीएम से गुहार,धामी को मानती थी बेटा

द संडे मेल
नई दिल्ली।उत्तराखंड की कानून व्यवस्था  इतनी बिगड़ गई है कि दिल्ली आलाकमान का  डर ही खत्म हो गया दिखता है।उत्तराखंड काशीपुर की 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने अपने जवान बच्चों की तलाश व सुरक्षा के लिए  दर दर भटकने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र के गृहमंत्री अमित शाह से गुहार लगा न्याय की मांग की है।पीड़ित महिला के परिवार के यहां सीएम धामी का 20 साल से आना जाना था।धामी को पुत्र की तरह मानती थी।लेकिन अचानक ऐसा कुछ हुआ कि उनकी सारी संपत्ति कब्जा ली गई।पुलिस ने उन्हें तंग करना शुरू कर दिया और कारोबार बंद करवा दिए।बेटा ,बहु और उनके बच्चे गायब हो गए।इससे तंग आ कर महिला ने दिल्ली को पत्र लिख न्याय मांगा ।सूत्रों का कहना है कि पीएमओ ने उत्तराखंड सरकार को निर्देश दिए हैं,लेकिन बुजुर्ग महिला को अभी तक न्याय नहीं मिला।बुजुर्ग महिला का नाम उर्मिला अग्रवाल है।इस बुजुर्ग महिला ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में बताया है कि उनका परिवार संघ विचारधारा का रहा है।उनका छोटा बेटा अनूप उत्तराखंड के व्यापार प्रकोष्ठ से जुड़ा रहा है।अनूप ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पहले चुनाव  2012 और फिर 2017 के चुनाव का पूर्ण संचालन किया था।यही नहीं 2022 के चुनाव में भी पूरी सक्रियता निभाई थी।धामी उनके घर में 20 साल से आते रहे हैं।बेटे के मित्र थे तो उन्हें बेटा जैसा ही मानती थी।लेकिन अचानक 2023 से पुत्र अनूप और पौत्रों पर पुलिस ने झूठे मुकदमे दर्ज करने शुरू कर दिए।उनकी संपत्ति हड़पने लगे।पुलिस की डर से राजस्थान के उदयपुर में जा कर कारोबार करने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने वहां जा कर भी कारोबार बंद करवा दिया।बच्चों पर तमाम मुकदमे दर्ज करवा दिए।इस बारे में उर्मिला अग्रवाल का वीडियो भी शोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है।वह कहती हैं पत्र लिखने के बाद पुलिस ने आ कर उन्हें धमकाया कि जब तक धामी मुख्यमंत्री हैं तुम्हारा कुछ नहीं हो सकता है।साथ ही यह भी कहती है उनके बच्चे कहां है उन्हें नहीं पता।इस वीडियो में भी पीएम को संबोधित कर रही है।
कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुजाता पॉल कहती हैं कि उन्होंने  यह मामला उठाया था।यह चिन्ता का विषय है कि संघ से जुड़े परिवार को ही बीजेपी शासित प्रदेश में न्याय नहीं मिल पा रहा है तो फिर दूसरे कैसे न्याय की उम्मीद करें।वह भी तब जब मुख्यमंत्री धामी से पीड़ित परिवार के पारिवारिक संबध रहे हैं।जिस तरह से परिवार का करोबार बंद करवा कब्जाया गया है।वाकई यह गंभीर मामला है।इसकी केंद्र को गहराई से जांच करवानी चाहिए कि आखिर धामी सरकार ऐसा क्यों कर रही।जो जानकारी आ रही है पीएमओ ने पुलिस को निर्देश दिए हैं,लेकिन कोई एक्शन अभी हुआ नहीं है।सुजाता कहती हैं उत्तराखंड की कानून व्यवस्था पूरी तरह से खत्म हो चुकी है।हर तरफ भ्रष्टाचार है।किसी की कोई सुनवाई नहीं हो रही।कांग्रेस लगातार मुद्दे उठा रही है।चुनाव में ही जनता इस भ्रष्ट सरकार को सबक सिखाएगी।समाप्त
The Sunday Mail
Author: The Sunday Mail

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