चौखुटिया आंदोलनकारी देहरादून की यात्रा पर निकले
उत्तराखंड एक और आंदोलन की चपेट मे
द संडे मेल
देहरादून।स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर 23 दिन से चलाया जा रहा चौखुटिया आंदोलन ने बड़ा रूप धारण करना शुरू कर दिया है।राज्य की धामी सरकार ने इस आंदोलन को हल्के में ले बड़ी भूल कर दी है।राज्य सरकार के निराशाजनक रवैए के चलते आंदोलनकारियों ने देहरादून तक की पद यात्रा शुरू कर दी।पहले दिन का पड़ाव उनका शुक्रवार को गैरसैंण था।आंदोलनकारियों का कहना है कि दस दिन में प्रदेश की यात्रा पूरी कर आंदोलन को प्रदेश व्यापी बना देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का घेराव करेंगे।उनका आंदोलन तब तक समाप्त नहीं होगा जब तक पूरे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार नहीं होगा और चौखुटिया की स्वास्थ्य समस्याओं का स्थाई समाधान नहीं होगा।भुवन सिंह कटेत की अगुवाई में 20 सदस्यों के आंदोलनकारियों का जत्था जैसे जैसे आगे बढ़ता गया।बड़ी संख्या में लोग उनके साथ जुड़ते गए।

आंदोलनकारी सुंदर सिंह नेगी और धान सिंह नेगी ने बताया कि धामी सरकार को स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर कई बार चेताया लेकिन सरकार पर कोई असर नहीं पड़ा।23 दिन से चल रहे आंदोलन को तोड़ने के कई कोशिशें हुई।इधर उधर से डाक्टर भेज झूठा आश्वाशन दिया गया।स्थाई समाधान को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई।इलाज के अभाव में बड़ी संख्या में लोग मर रहे हैं।लेकिन सरकार कुछ नहीं कर रही।चौखुटिया जैसे हालात प्रदेश के सभी जिलों में है।
सभी जगह रेफर वाली व्यवस्था चलाई जा रही है।चौखुटिया अस्पताल का सलाना बजट 50 करोड़ से ज्यादा का है।लेकिन इलाज ओर सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है।इलाके के आसपास के हजारों लोगों ने प्रदर्शन कर सरकार को चेताया लेकिन सरकार गूंगी बनी रही।लेकिन अब सरकार के मुख्यालय पहुंच जनता अपनी ताकत का अहसास कराएगी।आंदोलनकारियों ने कहा कि धामी सरकार घमंड में चूर है।बेरोजगार युवा अपनी ताकत दिखा चुके हैं अब प्रदेश भर की जनता अपनी ताकत का अहसास कराएगी तब सरकार चेतेगी।








