बीजेपी को चेहरा बदलना ही होगा

द संडे मेल
देहरादून।आलाकमान के नई टीम के गठन के बाद उत्तराखंड में पहली बार एक जुट हुई कांग्रेस बीजेपी पर भारी पड़ती दिख रही है।सभी नेता एक मंच से एक जुटता का संदेश दे बीजेपी पर हमलावर बने हुए।कांग्रेस की सभाओं में जुटती भीड़ सीधा संकेत दे रही है कि राज्य की जनता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उनकी सरकार से बहुत नाराज हैं और बदलाव को तैयार है।इससे कांग्रेसियों के हौंसले बुलंद दिखाई दे रहे हैं।उत्तराखंड के अधिकांश इलाको में आज के दिन मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर धामी सरकार के खिलाफ आंदोलन चल रहे हैं।खुद बीजेपी के नेता अपनी सरकार के खिलाफ दिखाई दे रहे हैं।क्योंकि मुख्यमंत्री धामी बीजेपी को एक जुट नहीं रख पाए।अगर बीजेपी आलाकमान ने उत्तराखंड के नेतृत्व में कोई बदलाव जल्द नहीं किया तो कई नेता बीजेपी भी छोड़ सकते हैं।
यूं भी धामी सरकार में अधिकांश मंत्री कांग्रेसी विचारधार के ही हैं।इनमें कई की सीएम से नहीं बनती है। जो बीजेपी विचारधार वाले मंत्री हैं जैसे धन सिंह रावत वह सीएम के निशाने पर रहे हैं।जहां तक राज्य के बीजेपी सांसदों की बात करें तो एक भी सांसद सीएम धामी के रवैए से खुश नहीं है।हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत और गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी सीधे न सही लेकिन सीएम की कार्यप्रणाली को लेकर बयानों में निराशा व्यक्त कर चुके हैं।पूर्व सांसद तीरथ सिंह रावत तो सरकार के कामकाज पर सवाल उठा चुके हैं।मतलब उत्तराखंड बीजेपी की हालत बहुत चिंताजनक बन चुकी है।









