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धामी को जल्द दिल्ली तलब किया जाएगा

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धामी को जल्द दिल्ली तलब किया जाएगा

यंग जनरेशन ने बीजेपी नेताओं का घेराव शुरू किया

आंदोलनकारियों ने डीएम और कप्तान को बैरंग लौटाया
द संडे मेल

देहरादून।पेपर लीक मामले में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को जल्द ही दिल्ली तलब किया जा सकता है।सूत्रों की माने तो केंद्र के पास उत्तराखंड की तमाम रिपोर्ट पहुंचने लगी हैं।उत्तराखंड के हालात लगातार बिगड़ रहे हैं।पेपर लीक आंदोलन लगभग हर जिले में पहुंच चुका है।पहाड़ों में युवा आंदोलनकारियों ने बीजेपी नेताओं का घेराव भी शुरू कर दिया है।इस बीच शुक्रवार को देहरादून के जिलाध्यक्ष और पुलिस कप्तान ने धरना दे रहे आंदोलनकारियों से आंदोलन समाप्त करने का आग्रह किया ,जिसे बेरोजगार संघ के आंदोलनकारियों ने पूरी तरह से अस्वीकार कर दिया।दोनों अधिकारियों को वहां से निराश हो कर लौटना पड़ा।आंदोलनकारी सीबीआई की जांच से कम में तैयार नहीं थे।अधिकारियों के सामने आंदोलनकारियों ने पेपर चोर गद्दी छोड़ के भी नारे लगाए।अपने नेताओं के आग्रह पर आंदोलनकारियों ने नारे बंद किए।

 

आंदोलनकारियों की अगुवाई कर रहे बॉबी पंवार ने कहा कि सरकार युवाओं को बरगला रही है।युवा बिल्कुल समझौता नहीं करेगा।सीबीआई की जांच,संयुक्त परीक्षा रद्द हो और आयोग के अध्यक्ष का इस्तीफा तुरंत होना चाहिए।बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल समेत सभी पदाधिकारियों ने आंदोलन और तेज करने की बात की।आंदोलन से दूसरे दलों के नेता भी जुड़ने लगे हैं।जेएनयू में लगने वाले ले कर रहेंगे आजादी ,आजादी के नारे भी धरना स्थल पर लगने लगे हैं।कांग्रेस ने आंदोलनकारियों के समर्थन में शुक्रवार को हर जिले में प्रदर्शन भी किया।

  लेकिन आंदोलनकारी बेरोजगार युवा सीएम धामी के इस्तीफे की मांग पर भी अड़ गए हैं।दरअसल मामला सरकार के हाथ से निकल गया दिख रहा है।मुख्यमंत्री धामी और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पूरी तरह से अकेले पड़ते दिख रहे है।सरकार के मंत्रियों और बाकी नेताओं ने हालात देख चुप्पी साध ली है।क्योंकि पहाड़ों से लेकर मैदानों तक यंग जनरेशन के युवा युवती गुस्से में है।सोशल मीडिया में नेताओं को सबक सिखाने की बातें हो रही है।इसलिए बीजेपी के नेता और मंत्री गायब हो गए हैं।सीएम धामी नकल जेहाद और लस्कर से बुलाए युवक युवतियों के मामले में चौतरफा घिर गए हैं।नकल जेहाद की दिल्ली तक चर्चा है।कांग्रेस ने तो आंदोलन को धर्म से जोड़ने की निंदा की थी।लेकिन मुख्यमंत्री के इस बयान को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश भी माना जा रहा है।इससे युवाओं में भारी रोष है।इसके बाद आंदोलन में बड़ी संख्या में मुस्लिम युवा युवती जुड़ खुल कर सामने आने लगे हैं।सोशल मीडिया में भी सरकार पर हमलावर बने हुए हैं।दिल्ली से जो खबरें आ रही है आलाकमान जल्द ही उत्तराखण्ड मामले में दखल दे सकता है।बीजेपी इस बात से भी चिन्तित है कि उत्तराखंड अगर पेपर लीग मामले में सुलगा तो बिहार चुनाव पर भी असर पड़ेगा।क्योंकि बिहार में महागठबंधन बेरोजगारी को बड़ा मुद्दा बना चुकी है।कांग्रेस की तरफ से सोशल मीडिया में पिछले दिनों बेरोजगारों पर की गई लाठी चार्ज का वीडियो जारी कर बीजेपी और जेडीयू को युवा विरोधी बता रहे हैं।

फोटो सभी सोशल मीडिया से

The Sunday Mail
Author: The Sunday Mail

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