राहुल गांधी ने पत्रकार की संदिग्ध मौत का मामला उठाया
धामी सरकार के लिए एक और चुनौती
संडे मेल
नई दिल्ली।सीबीआई जांच के आश्वासन के बाद बेरोजगार युवाओं का आंदोलन भले ही समाप्त हो गया हो,लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही है।लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को उत्तराखंड उत्तरकाशी के युवा पत्रकार राजीव प्रताप की संदिग्ध मौत पर सवाल उठा बीजेपी पर हमला बोला है।राहुल ने अपने एक्स पोस्ट में कहा है कि उत्तराखंड के युवा पत्रकार राजीव प्रताप का लापता होना और फिर मृत पाया जाना सिर्फ़ दुखद नहीं, भयावह है।इस मुश्किल वक्त में शोकाकुल परिवार को अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं और उनके साथ खड़ा हूं।BJP राज में आज ईमानदार पत्रकारिता भय और असुरक्षा के साये में जी रही है। जो सच लिखते हैं, जनता के लिए आवाज़ उठाते हैं, सत्ता से सवाल पूछते हैं – उन्हें धमकियों और हिंसा से चुप कराने की कोशिश की जा रही है।
राजीव के साथ
हुआ पूरा घटनाक्रम ऐसे ही षड़यंत्र की ओर इशारा करता है।राजीव जी की मृत्यु की अविलंब निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए और पीड़ित परिवार को बिना देरी न्याय मिलना चाहिए।
पुलिस के अनुसार राजीव प्रताप के गायब होने की सूचना उन्हें 19 सितंबर को मिली।28 सितंबर को उनका शव जोशीयारा बैराज पर मिला।पोस्टमार्टम में उनके शरीर पर चोट के निशान मिले।पुलिस मामले की जांच कर रही है।लेकिन परिवार वालों का आरोप है कि अस्पताल की खामियां उजागर करने की उन्हें सजा मिली है।काई दिन से उन्हें धमकी मिल रही थी।अब इस मामले को राहुल गांधी ने जिस तरह उठाया है कांग्रेस आंदोलन की राह पकड़ सकती है।युवाओं के आंदोलन ने प्रदेश की राजनीति को पहले ही गरमाया हुआ है।


हुआ पूरा घटनाक्रम ऐसे ही षड़यंत्र की ओर इशारा करता है।राजीव जी की मृत्यु की अविलंब निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए और पीड़ित परिवार को बिना देरी न्याय मिलना चाहिए।




