best news portal development company in india

उत्तराखंड में धामी सरकार के खिलाफ बढ़ता गुस्सा

SHARE:

दिल्ली ने देरी की तो बीजेपी को महंगा पड़ेगा

द संडे मेल
देहरादून।दिल्ली ने अगर उत्तराखंड के बिगड़ते हालातों को लेकर जल्द गंभीरता नहीं दिखाई तो चुनाव साल में जनता अपने आप ही बीजेपी सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर मोर्चा संभाल  लेगी।पिछले दिनों बेरोजगार युवाओं ने अपनी ताकत का अहसास कराया था।बुधवार को पहाड़ की महिलाओं ने प्रदर्शन कर अपनी ताकत दिखाई।युवाओं का आंदोलन भले ही समाप्त हो गया हो,लेकिन गुस्सा बरकरार है।उत्तराखंड की धामी सरकार के खिलाफ आम जनता में भी जमकर नाराजगी है।
भ्रष्टाचार और आम आदमी की मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी बड़ा मुद्दा बन गया।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी  अपनी छवि चमकाने के लिए जिस तरह पैसे लुटा रहे हैं उससे आमजन में गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
सोशल मीडिया ने को मामले उजागर किए हैं वह बड़ी हैरानी करने वाले हैं।जनता में इसी बात को लेकर गुस्सा बढ़ रहा है कि आमजन के लिए बीते पांच साल में कोई काम नहीं किया और प्रचार में अपनी छवि चमकाई जा रही।पहाड़ों में न तो अस्पताल बने, न इलाज कोई सुविधा है,बीमार इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे हैं,नए शैक्षणिक संस्थानों  के नाम पर भी कुछ नहीं हुआ,रोजगार के नाम पर भी ठगा गया,पेपर लीक हो रहे है।सड़क,बिजली और पानी की हालत आज भी चरमराई हुई है।
विज्ञापनों में दिखाया जा रहा है कि उत्तराखंड आगे बढ़ रहा है।जबकि एकदम झूठ है। पलायन के चलते पहाड़ खाली हो गए।जमीन माफिया, खनन माफिया और शराब माफिया हावी है।बड़े बड़े घराने जमीन खरीद रहे हैं।पहाड़ी को ठगा जा रहा है।
  बुधवार को कुमाऊं के चौखुटिया में महिलाओं का विशाल प्रदर्शन इसी की बानगी थी। सीएम धामी के खिलाफ पहाड़ के हर इलाके से आवाज उठने लगी है।सड़कों पर उतरे आंदोलनकारियों ने सीधे सरकार को चेताया है कि उनकी मांगे नहीं सुनी गई तो पूरे प्रदेश में आंदोलन को ओर तेज किया जाएगा।आंदोलनकारियों का आरोप है कि हमारे पैसे से अपनी छवि चमकाई जा रही है और हमें स्वास्थ्य और शिक्षा के नाम पर ठगा जा रहा है। स्वास्थ्य की कोई सुविधा नहीं है,शिक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।जबकि स्वास्थ्य और शिक्षा हर व्यक्ति का।मौलिक अधिकार है।धामी सरकार पहाड़ वालों की समस्या सुनने के बजाए अपने चेहरे को चमकाने पर लगी है।सरकार ने अगर ध्यान नहीं दिया और कोई ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन और तेज होगा। अल्मोड़ा के चौखुटिया में स्वास्थ्य सेवाओं की मांगों को लेकर भूपाल सिंह बोरा बीते कुछ समय से अनशन पर बैठे थे।पुलिस उन्हें जबरन उठा कर ले गई, जिसके बाद आंदोलन भड़क उठा।पूरे इलाके के लोग सड़को पर उतरे और उन्होंने विशाल प्रदर्शन किया।आंदोलनकारियों का कहना है कि इलाज के लिए बाहर रेफर करने की व्यवस्था बंद होनी चाहिए और पहाड़ में ही इलाज की सुविधाएं बढ़ाई जानी चाहिए।चौखुटिया में जुटी भीड़ ने बीजेपी के लिए बड़े खतरे की घंटी बजा दी है।भीड़ का नेतृत्व जनता खुद कर रही थी। नारी शक्ति सड़कों पर थी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भले ही बिहार चुनाव को लेकर व्यस्त हैं,लेकिन उन्हें जल्द धामी सरकार को लेकर कड़े कदम उठाने पड़ेंगे।पहाड़ का आंदोलन मैदान तक फैला तो उत्तर प्रदेश भी चपेट में आ सकता है।दोनों राज्यों में दो माह बाद चुनाव साल शुरू हो जाएगा।केंद्र जितनी जल्दी समझ जाएगा उतना बीजेपी को फायदा मिलेगा।धामी सरकार के खिलाफ रोज गुस्सा बढ़ रहा है। कांग्रेस की प्रवक्ता सुजाता पॉल का कहना है कि उत्तराखंड के हालात चिंताजनक है। पूरी धामी सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त है।पहाड़ के लोग गुस्से में है। पहाड़ की जनता चुनाव का इंतजार कर रही है।
समाप्त
The Sunday Mail
Author: The Sunday Mail

Leave a Comment