best news portal development company in india

स्टार प्रचारक लिस्ट ने धामी का टेंशन बढ़ाया

SHARE:

कांग्रेस तंज कस ले रही है मजा

द संडे मेल

देहरादून।बिहार चुनाव के लिए निकाली गई बीजेपी के स्टार प्रचारकों की सूची ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री सिंह धामी का टेंशन और बढ़ा दिया है।विरोधियों को हमले का जोरदार मौका मिल गया।धामी इन दिनों यूं ही राज्य में उनके खिलाफ उठ रही आवाजों से परेशान हैं।भ्रष्टाचार और सरकार की नाकामियों के खिलाफ धरना,प्रदर्शन,विरोधियों के साथ अपनों का हमला।मतलब चुनाव साल लगने से पहले ही धामी चौतरफा घिर गए हैं।अधिकृत सम्मानित मीडिया तो विज्ञापनों के बोझ तले दबा होने के चलते खिलाफ दिखाने या छापने से बच रहा है। इसी तरह छवि चमकाने और जयकारा लगाने वाले  मीडिया वालों की बाढ़ आई हुई है।जिसे मौका मिल रहा है वह दोनों हाथों से बटोरने में लगा है।सीएम धामी क्या राजनीति कर रहे हैं समझ से परे है।

सरकार के भ्रष्टाचार और खामियों को उजागर करने वाले सोशल मीडिया की आवाज दबाने के नए नित  जतन किए जा रहे हैं।भ्रष्टाचार सामने लाने वाले पत्रकारों को पुलिस प्रशासन से हैंडल कराया जा रहा है। वहीं उन वीडियो हटाए जा रहा हैं जो सच दिखा भ्रष्टाचार की पोल खोल रहे है।इन वीडियो को हटा सरकार कोशिश कर रही है कि जनता को सच का कुछ पता न चले।लेकिन फैसले उल्टे पड़ रहे हैं।सीएम धामी यह मान बैठ अगर फैसले कर रहे हैं कि दिल्ली को कुछ पता नहीं चल रहा है तो उन्हें गलतफहमी है।खनन भ्रष्टाचार का मामला संसद तक उठ चुका है।युवा बेरोजगारों के आंदोलन ने दिल्ली को टेंशन दे दिया था।चौखुटिया में चल रहे आंदोलन की रिपोर्ट भी दिल्ली जा चुकी है।दिल्ली उत्तराखंड को लेकर चिन्तित है।लेकिन तमाम दूसरी व्यस्तताओं और छोटे राज्य होने के चलते अभी एक्शन नहीं हो रहा है।

सीएम धामी भले ही बिहार का दौरा कर आए लेकिन प्रचारकों की सूची में नाम नहीं होना आलाकमान ने नाराजगी का संकेत दे दिया है।धामी का नाम अभी तक हर बार स्टार प्रचारकों की सूची में रहता था।हालांकि धामी पहले बिहार हो आए।उसके फोटो भी डाले गए।लेकिन स्टार प्रचारक की सूची से पहली बार नाम गायब होने के कई मायने निकाले जा रहे हैं।विरोधियों ने तो सवाल उठा घेरना शुरू कर दिया है।कांग्रेस की प्रवक्ता सुजाता पॉल ने तो वीडियो जारी कर सीएम धामी पर तंज कसे हैं।हालांकि राजस्थान में उप चुनाव होने के चलते राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा का नाम भी सूची में नहीं है।लेकिन धामी के मामले में अलग एंगल दिखाई दे रहा है।अब यही देखना होगा कि दिल्ली क्या आने वाले चुनाव में मौजूदा टीम के भरोसे जाती है या फिर नए चेहरे मोहरों को आगे करती है।नए साल से पहले बदलाव के पूरे आसार हैं।समाप्त

The Sunday Mail
Author: The Sunday Mail

Leave a Comment