बीते पांच साल में राज्य की हालत ज्यादा बिगड़ी है।खनन,शराब, वन,जमीन और होटल माफिया ने पहाड़ को बड़ा नुकसान पहुंचाया। विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने के नाम पर पहाड़ को खोखला कर दिया गया है।धामी सरकार ने भी बीते पांच साल में विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने के नाम पर अंधाधुंध तरीके से ऐसे फैसले किए जिससे पहाड़ वासी को तो कुछ नहीं मिला लेकिन बाहरी लोगों ने जमकर धंधा किया।नियम, कायदे कानून ताक में है रख बाहरी लोगों को करोड़ों का काम आबंटन कर दिए गए।इससे आमजन में गुस्सा बढ़ता गया।यहीं से देशी बनाम पहाड़ी के मुद्दे ने जन्म लिया।सरकार ने मूलभूत सुविधाओं के बजाए दूसरे कामों को महत्व दिया।जिसके चलते
पहाड़ वासी को मूलभूत सुविधाओं के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा। शिक्षा,स्वास्थ्य,बिजली,पानी,सड़कों पर ध्यान ही नहीं दिया गया।शराब माफिया के खिलाफ ऋषीकेश में महिलाएं बच्चे सड़कों पर है।सरकार को चिन्ता नहीं है।चौखुटिया के आंदोलनकारी जब सीएम के दरवाजे पर पहुंच गए तब सीएम धामी चेते।फिलहाल 6 माह का भरोसा दे पीछा छुड़ाया है।6 माह बाद चुनाव करीबी आ जाएंगे।हो सकता दिसंबर में ही राजनीति बदल जाए।
राजनीति में बदलाव की चर्चा का असर पूरे प्रशासन और उनके मंत्रियों और विधायकों में भी देखा जा रहा है।अधिकारी इंतजार करो और देखो की नीति पर चल रहे हैं।उन्हें लगता है इन हालात में कुछ तो बदलाव होगा।इसलिए चुपचाप जनता के गुस्से को सहन कर रहे हैं।जहां तक मंत्रियों का सवाल है तो वह भयभीत बताए जाते हैं।उन्हें लगता है कि गुजरात की तरह सभी को ऊपर से लेकर नीचे तक बदल दिया जाएगा।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह गुजरात में ऐसा कर चुके हैं।एक बार सीएम समेत सभी मंत्रियों को बदल दिया गया था।इस बार मंत्रियों में बदलाव किया गया।दूसरी और अधिकांश विधायक गुस्से में भी और डरे हुए भी हैं।गुस्से में इसलिए है कि उनका मुखिया कुछ नहीं कर रहा है। डरे हुए इसलिए है कि अगला चुनाव कैसे जीतेंगे।क्योंकि जनता सवाल पूछेगी।दस साल की एंटी इंकनवेसी का कोई जवाब सरकार के पास नहीं है। प्रदेश का अधिकाशं इलाका आंदोलन की चपेट में है ही।जनता में धामी के खिलाफ तो गुस्सा था ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनके निशाने पर आ गए हैं।चुनाव साल में जो हालात बनते जा रहे उसमें बीजेपी के नेताओं का इलाकों में घुसना और प्रचार करना भी मुश्किल हो जाएगा।लड़ाई पहाड़ बनाम मैदान का रूप भी धारण करती जा रही है।जो न तो राज्य हित में है और ना ही बीजेपी के।
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