एंजेल की हत्या ने भी उठाए कानून व्यवस्था पर सवाल
द संडे मेल
नई दिल्ली।उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही है।चुनाव साल में कांग्रेस को बैठे बिठाए मुद्दे मिलते जा रहे हैं।धामी कांग्रेस के निशाने पर तो हैं ही अपने भी बहुत नाराज हैं।बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी होने का दावा करने वाली उर्मिला सनावर के अंकिता हत्याकांड में बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं पर सीधे आरोप लगाने के बाद उत्तराखंड की राजनीति पहले से गरमाई हुई थी अब त्रिपुरा के एक छात्र की हत्या ने कानून व्यवस्था की पोल पट्टी खोल कर रख दी।अंकिता हत्याकांड की सीबीआई से जांच कराने की मांग को लेकर उत्तराखंड की राज्य इकाई प्रदेश भर में आंदोलन चला सीएम धामी को निशाने पर लिए हुई थी अब राष्ट्रीय स्तर पर धामी निशाने पर आ गए है।प्रदेश बीजेपी के अंदर भी कई नेता सीएम धामी की कार्यप्रणाली से गुस्से में थे।अब वह और सवाल उठा रहे है।बीजेपी आलाकमान पर लगातार धामी को बदलने का दबाव बढ़ता ही जा रहा है।


बीजेपी में अंदर खाने कुछ भी ठीक नहीं है।इस बीच देहरादून में नस्लीय हमले में त्रिपुरा के 24 वर्षीय छात्र एंजेल चकमा की हत्या पर कांग्रेस ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की है। पार्टी ने कहा कि मामले में शीघ्र कानूनी कार्रवाई हो, फरार मुख्य आरोपी को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी के कारणों की जांच कराई जाए। लोकसभा में पार्टी के उपनेता और असम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई ने एंजेल चकमा के अंतिम शब्दों को दोहराते हुए कहा कि “मैं भारतीय हूं, मैं चीन से नहीं आया हूं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि नॉर्थ ईस्ट के लोग भारतीय हैं, चीनी नहीं।कांग्रेस नेता ने स्थानीय पुलिस की भूमिका पर गंभीर चिंता व्यक्त की। एंजेल चकमा के परिजनों के बयानों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि घटना के लगभग 12 दिन बाद एफआईआर दर्ज की गई और छात्रों के प्रदर्शन के बाद ही कार्रवाई शुरू हुई। मुख्य आरोपी अब भी फरार है और चार अन्य लोगों की गिरफ्तारी हुई है।कांग्रेस ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा सरकार “वन इंडिया” की बात तो करती है, लेकिन उसमें बस रही विविधताओं की बात नहीं करती। उन्होंने असम के कारबी आंगलोंग का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के मूल निवासियों को भी बाहरी बताया जा रहा है।





