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उत्तराखंड में पीएम और एचएम तुरंत दखल दें: कांग्रेस

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सीएम धामी की सरकार हुई फेल = गोदियाल

अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच का प्रतिवेदन जारी करे सरकार

उधमसिंह नगर के एसएसपी पर हो कार्रवाई

द संडे मेल

नई दिल्ली। कांग्रेस ने बुधवार को भी यहां उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर हमला जारी रखा।कांग्रेस के रुख से साफ है कि धामी के मुख्यमंत्री रहते हुए अंकिता भंडारी हत्याकांड और किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या के मुद्दे को वह लगातार धार देगी। अंकिता भंडारी हत्याकांड के वीआईपी को सामने लाने का मामला भी कांग्रेस नहीं छोड़ेगी।कांग्रेस ने कहा कि अंकिता की हत्या वीआईपी के चलते ही हुई।यही नहीं कांग्रेस ने  सवाल उठाया कि क्या वजह है कि सीएम धामी ने अदालत में सरकार की तरफ से आरोपियों का नार्को टेस्ट न करने का हल्फ नामा दिया। गोदियाल ने कहा कि आरोपियों का नार्को टेस्ट हो जाता तो सारी सच्चाई और वीआईपी का पता चल जाता।सीएम धामी ने जानबूझकर हलफनामा दिलवाया।गोदियाल ने कहा कि अंकिता की हत्या मामले में धामी सरकार की भूमिका शुरू से ही सवालों के घेरे में रही है।मीडिया और जनता के बढ़ते दबाव के सीएम धामी ने अंकिता के माता पिता से मुलाकात कर कहा था कि जैसा वो कहेंगे वैसा ही करेंगे।       अंकिता के माता पिता ने लिख कर दिया था कि मामले की सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज की निगरानी में होनी चाहिए़।लेकिन धामी ने ऐसा नहीं किया।उन्होंने  केवल घोषणा की।लेकिन 15 दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक कोई प्रतिवेदन सार्वजनिक नहीं किया।यह पता ही नहीं चल रहा है कि जांच सीबीआई को सौंपी भी है या नहीं।हैरानी की बात यह है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह दो दिन उत्तराखंड दौरे पर रहे लेकिन उन्होंने भी संवेदनहीनता दिखाई।शाह के अधीन सीबीआई आती है।कांग्रेस मांग करती है कि वह खुद ही दखल दें। सीधे नहीं लेकिन अप्रत्यक्ष तौर पर पर्यावरणविद डॉ अनिल प्रकाश जोशी भी निशाने पर आ गए है।हालांकि कांग्रेस ने उनका नाम नहीं लिया लेकिन अंकिता मामले में डा जोशी की तरफ से कराई गई एफआईआर पर सवाल जरूर उठाये।कांग्रेस ने आशंका जताई कि अंकिता के माता पिता की तरफ से दर्ज कराई गई रिपोर्ट को जांच का आधार न बना कर दूसरे से एफआईआर करवाने से निष्पक्ष जांच संदेह के घेरे में आ गई है।कांग्रेस ने कहा कि हमारी यही मांग है कि सीटिंग जज की निगरानी में सीबीआई की जांच होनी चाहिए़।सरकार तुरंत प्रतिवेदन जारी कर बताना चाहिए़ कि वह क्या कर रही है।
  कांग्रेस ने किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से सीधे दखल देने की मांग करते हुए कहा कि धामी सरकार कानून व्यवस्था के मामले में पूरी तरह से फेल हो चुकी है।मुख्यमंत्री धामी पूरी तरह से संवेदन हीन हो गये।धामी उस अफसर को बचाने में लगे हुए हैं जिस पर आत्महत्या करने वाले किसान ने सीधे प्रताड़ना का आरोप लगाया था।उधमसिंह नगर के किसान सुखवंत ने आत्महत्या से पूर्व जिले के एसएसपी और पूरे पुलिस प्रशासन पर यातना और भ्रष्टाचार के गंभीर  आरोप लगाये थे।इस घटना ने उत्तराखंड में व्याप्त  भ्रष्टाचार को उजागर किया था।कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उन्होंने सीएम धामी और तमाम अफसरों से आरोपित एसएसपी को हटाने को कहा लेकिन कोई एक्शन नहीं हुआ।गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड की कानून व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो चुकी है।भ्रष्टाचार अपने चरम पर है।धामी से कोई उम्मीद नहीं है।इसलिए प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को सुखवंत के मामले में दखल दे एसएसपी पर कार्रवाई के लिये कहना चाहिए़ और एसएसपी पर भी मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए़।समाप्त
The Sunday Mail
Author: The Sunday Mail

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