best news portal development company in india

योगी की बहन ने उत्तराखंड की सच्चाई बोली

SHARE:

योगी की बहन ने उत्तराखंड की सच्चाई बोली

इच्छा है भाई कुछ दिन के लिए यहां सीएम बन यूपी की तरह परिवर्तन कर दें

द संडे मेल

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बहन शशि की बिना छल कपट के की गई टिप्पणी ने उत्तराखंड की बदहाली और बिगड़े हालातों पर एक प्रकार से मोहर लगा दी है।शशि ने पुष्कर सिंह धामी सरकार पर तो कोई टिप्पणी नहीं की लेकिन उन्होंने इच्छा व्यक्त की कि योगी एक बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बन जाते तो यहां भी परिवर्तन आ जाता।हमारे पिछड़े ब्लॉक का विकास हो जाता।योगी के प्रधानमंत्री बनने के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बनेंगे लेकिन जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने हाथों से कार्यकाल सौंपेंगे।शशि ने बड़े मीडिया समूह के पत्रकार से बातचीत में यह सारी बातें की।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अभी हाल में अपने पैतृक गाँव गढ़वाल के पंचुर आये हुए थे।इसके चलते कई पत्रकार यमकेश्वर ब्लाक पहुंच गए।वहां पर बाहर से आये पत्रकारों ने प्रसाद और चाय शिकंजी बेचने वाली योगी की बहन से कई मुद्दों पर बातचीत की।योगी को सीएम बने हुए लगभग 9 साल होने जा रहे हैं लेकिन उनका परिवार आज भी उसी हालत में है जैसे पहले था।

सभी फोटो सोशल मीडिया से ली गई हैं।

योगी के दौरे के दौरान भी पहाड़ की बदहाली उजागर भी हुई।बीते 10 साल में धामी सरकार ने यमकेश्वर की लोकल सड़कों और रास्तों को आज भी बदहाल छोड़ा हुआ है।योगी जिन रास्तों पर चले वह सब टूटे फूटे थे।तस्वीरें सारी सच्चाई बताती है।सीएम धामी और कुछ नेता भी उन रास्तों पर दो तीन बार चल चुके हैं लेकिन जब योगी आते हैं तभी।दरअसल उत्तराखंड की लोकल सड़कों और रास्तों के हालात चिंताजनक है।यही नहीं बाकी और जो मूल भूत सुविधाएं होनी चाहिये वह भी दम तोड़ रही है।पिछले दो साल में पहाड़ के लोग स्वास्थ्य,शिक्षा,बिजली,पानी और नौकरी के लिये सड़कों पर उतर चुके है।बढ़ती बेरोजगारी और बिगड़ी कानून व्यवस्था से उत्तराखंड की छवि खराब हुई है।देश में सबसे ज्यादा बेरोजगारी दर उत्तराखंड की है।जहां तक कानून व्यवस्था का सवाल है तो अंकिता भंडारी हत्याकांड एक उदाहरण भर है।महिलाओं के ऊपर बढ़ते अत्याचारों में भी उत्तराखंड नंबर एक पर है।भ्रष्टाचार,जमीनों पर कब्जे, लोकल बॉडी चुनावों से लेकर दूसरे छोटे मोटे चुनावों में गड़बड़ियां आम हो गई हैं।

शशि ने सीधे धामी सरकार के खिलाफ कुछ नहीं कहा।लेकिन उन्होंने जो बोला वह सच्चाई है।25 साल उत्तराखंड को बने हुए हो गये है,लेकिन पहाड़ आज भी विकास के लिये तरस रहे हैं।चुनाव साल में उत्तराखंड को सांप्रदायिक राजनीति की आग में झोंका जा रहा है।कोटद्वार में दीपक की घटना के पहले से ही धामी सरकार के सारे फैसले सांप्रदायिक राजनीति को बढ़ावा देने वाले रहे है।नाम बदलने से लेकर हर मामले को जेहाद से जोड़ा जाना।सीएम धामी का कोटद्वार की घटना को भी ध्रुवीकरण की राजनीति से जोड़ना हैरान कर रहा है। दूसरी तरफ योगी के उत्तर प्रदेश के शासन को देखें तो आज देश दुनिया में उनके कामकाज की प्रशंसा होती है।कानून व्यवस्था कैसे सुधरती है उत्तर प्रदेश का उदाहरण दिया जाता है।बीते 9 साल में योगी और उनकी सरकार के खिलाफ विपक्ष भ्रष्टाचार का एक भी मामला नही ढूंढ पाया।इसी के चलते योगी तीसरी बार भी आसानी से सरकार बनाते हुए दिख रहे है।जबकि उत्तराखंड की हालत इसके उल्ट है।उत्तराखंड में बीजेपी वाले ही अपनी सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार और बिगड़ी कानून व्यवस्था को लेकर नाराज हैं

 

The Sunday Mail
Author: The Sunday Mail

Leave a Comment