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बलूनी की कोशिशों से उत्तराखंड बीजेपी नेताओं की उम्मीदें जगी

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चुनाव साल में लालढांग = चिल्लरखाल मार्ग पक्का बनने का मिलेगा लाभ 
द संडे मेल
नई दिल्ली।गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी की कोशिश आखिरकार रंग लाई।बलूनी की तरफ से  सुप्रीम कोर्ट में लगाई इंटरवेंशन अर्जी पर कोर्ट ने गुरुवार को  सुनवाई कर लालढांग = चिल्लरखाल रोड प्रोजेक्ट पर लगी रोक को हटा दिया है।इस फैसले गढ़वाल मंडल की राजनीति पर असर पड़ना तय है।इस मार्ग के स्थाई रूप से पक्का होने पर कोटद्वार से  देहरादून,हरिद्वार,ऋषिकेश के बीच दूरी काफी कम हो जाएगी।कोटद्वार में विकास के नए द्वार खुलेंगे।राजाजी नेशनल पार्क के बीच से जाने वाली इस रोड के निर्माण पर काम न हो इसके लिए उच्चतम न्यायालय ने 2023 पर स्टे दिया था हुआ।इससे स्थानीय जनता में काफी रोष था।इस रोड मार्ग को खोलने और इसको पक्का बनाने के लिए जनता लगातार आंदोलन कर रही थी।हर बार चुनावी मुद्दा बनता था।लेकिन गंभीर प्रयास पहली बार किए गए।यह इलाका सांसद अनिल बलूनी के संसदीय क्षेत्र के तहत आता था।इसलिए उन पर ज्यादा दबाव था।बलूनी ने कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता एवं सांसद बांसुरी सुराज के माध्यम से मामले की पैरवी करवाई और स्टे आर्डर को हटवाने में सफलता पाई।
  स्टे हटने के बाद पूरे कोटद्वार में जश्न का माहौल है।हर व्यक्ति को उम्मीद है कि राज्य सरकार अब जल्द इस पर काम शुरू करवाएगी।यह बड़ा चुनावी मुद्दा बनने जा रहा था।लेकिन सांसद बलूनी ने विपक्ष से बड़ा मुद्दा छीन लिया है। राज्य  सरकार अब अगर चुनाव से पूर्व इस रोड मार्ग को पक्का करवा देती है तो बीजेपी को चुनाव में बड़ा लाभ मिल सकता है।स्पीकर ऋतु खंडूरी इसी विधानसभा से पिछली बार चुनाव जीती थी।प्रदेश के मौजूदा हालातों में खंडूरी के लिए सुप्रीम कोर्ट का स्टे हटाने का यह फैसला बड़ी राहत देने वाला माना जा रहा है।क्योंकि अभी प्रदेश में बिगड़ी कानून व्यवस्था और अंकिता भंडारी हत्याकांड के चलते बीजेपी की राज्य सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश बना हुआ है।लगातार बढ़ती हत्याओं से स्थिति और बिगड़ी है।मोहम्मद दीपक मामले से भी कोटद्वार की राजनीति गरमाई है।इन सब के बीच कोटद्वार चिल्लरखाल रोड मार्ग के पक्का होने की उम्मीद जगने से खंडूरी को सबसे ज्यादा राहत मिली।इस मार्ग के पक्का बनने से कोटद्वार और हरिद्वार के बीच की दूरी 22 किमी कम हो जाएगी।दूसरे राज्यों के टैक्स से भी बचा जा सकेगा।
 बलूनी ने इससे पूर्व कोटद्वार और दिल्ली के बीच ट्रेन सेवा में भी विस्तार करवा गढ़वाल वासियों को बड़ी राहत दी थी।अब वह इस प्रयास में है कि कोटद्वार एक्सप्रेस को जयपुर तक बढ़ाया जाए।रामनगर और देहरादून के बीच नई ट्रेन सेवा के साथ चार धाम को रेलवे से जोड़ने के प्रयास में भी है।यही नहीं बलूनी उत्तराखंड में आर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के लिये सेंटर आफ एक्सीलेंस की कोशिश में भी जुटे है।इसके लिये केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से भी चर्चा की है।अच्छी किस्म के फलों के उत्पादन को बल मिलेगा।हाल में बलूनी ने पहाड़ों का दौरा कर खाली होते गांवों के लिये रिवर्स पलायन पर काम कर रहे है।उन्होंने अपील भी की है कि शहरों में रहने वाले उत्तराखंडी अपने गाँव आयें और  अपने पुस्तैनी घर में जन्म दिन यो  कोई भी आयोजन कर लोगों को जोड़ें।बलूनी ने कोटद्वार में पासपोर्ट कार्यालय खोलने को भी दिल्ली से हरी झंडी दिलवाई थी लेकिन राज्य सरकार की तरफ हो रही देरी के चलते अभी खुल नहीं पाया।बलूनी की इन कोशिशों का सीधा लाभ बीजेपी को अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में मिलेगा।
The Sunday Mail
Author: The Sunday Mail

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