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नारी निकेतन में महिला कि संदिग्ध मौत का मामला गर्माया

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नारी निकेतन में महिला कि संदिग्ध मौत का मामला गर्माया
द संडे मेल
देहरादून। यहां  नारी निकेतन में एक संवासिनी की संदिग्ध मृत्यु का मामला गरमा गया है।जन प्रहार संस्थान ने इस मामले को उठा आशंका जताई है कि संवासिनी की मौत आत्महत्या का मामला नहीं दिख रहा है।कोई ना कोई ऐसी बात हुई है जिससे इनकी मौत हुई है।जन प्रहार की संयोजक सुजाता पॉल ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
  मिली जानकारी के अनुसार, संबंधित महिला का अपने परिवार के संपर्क में थी और वह शीघ्र ही अपने घर लौटने वाली थी। ऐसे में अचानक इस प्रकार की घटना होना संदेह उत्पन्न करता है। यदि महिला किसी मानसिक तनाव से गुजर रही थी, तो नारी निकेतन प्रशासन द्वारा उसकी समुचित निगरानी और परामर्श की व्यवस्था क्यों नहीं की गई—यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है।जन प्रहार के प्रतिनिधि मंडल ने जिला प्रोबेशन अधिकारी सुश्री मीना बिष्ट से मुलाकात की और इस बात पर आपत्ति की कि बिना जांच के इस हादसे को आत्महत्या बताया जा रहा है।
वहीं विभागीय जिम्मेदारियों को लेकर भी असमंजस की स्थिति सामने आई है। समाज कल्याण मंत्री  खजान दास के कार्यालय का कहना है कि यह महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्रालय के तहत आता है जबकि मंत्री श्रीमती रेखा आर्य के कार्यालय ने बताया कि वह शहर से बाहर है। जैन प्रहार के प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मिलने का समय मांगा है ताकि निष्पक्ष जांच के लिए वह अपना ज्ञापन उन्हें सौंप सके। श्रीमती रेखा आर्य के कार्यालय ने जल्दी ही समय देने का आश्वासन दिया है क्योंकि मंत्री  मौजूदा समय में शहर से बाहर बताई जा रही हैं।
 सुजाता पॉल ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं, बल्कि महिला सुरक्षा एवं संरक्षण तंत्र की वास्तविक स्थिति को भी उजागर करती हैं। भाजपा के शासनकाल में नारी निकेतन में भी युवतियां सुरक्षित नहीं है। यदि उक्त महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ थी तो उसका इलाज किस डॉक्टर के द्वारा किया जा रहा था और उसकी देखरेख में कहां कमी रह गई? यदि यह आत्महत्या है तब भी यह गंभीर स्थिति हो जाती है क्योंकि उसकी देखरेख के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाने चाहिए थे।
जन प्रहार के सहसंयोजक एडवोकेट पंकज सिंह क्षेत्री ने कहा कि यह केवल एक घटना नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है, जिस पर त्वरित और ठोस कार्रवाई आवश्यक है। इस मामले को दबाए जाने की कोशिश करना अत्यंत गंभीर सवाल उत्पन्न कर रहा है जिस कारण इसकी निष्पक्ष जांच के बिना सच्चाई बाहर नही आ सकती।जन प्रहार ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्षीय जांच की मांग की है।
The Sunday Mail
Author: The Sunday Mail

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